दून में शुरू अभाविप का 71वां अधिवेशन, डॉ. सोमनाथ ने युवाओं को बताया भारत का भविष्य

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देहरादून: अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का तीन दिवसीय 71वां राष्ट्रीय अधिवेशन गुरुवार को देहरादून में भव्य रूप से आरंभ हुआ। देश के कोने-कोने से पहुंचे हजारों युवाओं की उपस्थिति में आयोजित इस अधिवेशन के उद्घाटन सत्र का मुख्य आकर्षण रहे भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन के पूर्व चेयरमैन डॉ. एस. सोमनाथ। उन्होंने अपने प्रेरक संबोधन में कहा कि कोई भी राष्ट्र तब ही वास्तविक प्रगति की ओर बढ़ सकता है, जब उसकी युवा शक्ति देशहित को सर्वोपरि रखकर सक्रिय भूमिका निभाए।

डॉ. सोमनाथ ने कहा कि भारत के भविष्य की दिशा तय करने में आज की युवा पीढ़ी की भूमिका बेहद अहम है। उन्होंने विश्वास जताया कि वर्ष 2047 तक भारत को विश्व की आर्थिक महाशक्ति बनाने की राह में युवा सबसे मजबूत स्तंभ बनेंगे। देश आत्मनिर्भरता, विज्ञान, अनुसंधान और नवाचार के जिस मार्ग पर आगे बढ़ रहा है, उसके केंद्र में युवाओं की ऊर्जा और उनकी दूरदर्शिता ही है।

उन्होंने कहा कि आज वैश्विक मंच पर भारत की पहचान बदली है, और यह परिवर्तन युवाओं की तकनीकी क्षमता, स्टार्टअप संस्कृति तथा नवाचार की बदौलत संभव हुआ है। विज्ञान और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारत ने जो उपलब्धियां हासिल की हैं, वे आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।

अधिवेशन के उद्घाटन में अभाविप के राष्ट्रीय पदाधिकारियों ने भी युवाओं की भूमिका, छात्र हितों, शिक्षा सुधार और राष्ट्रीय विकास से जुड़े मुद्दों पर अपने विचार साझा किए। तीन दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में देशभर से आए प्रतिनिधि विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श करेंगे और आने वाले वर्ष के लिए परिषद की कार्ययोजना तय करेंगे।

देहरादून के अलग-अलग शैक्षणिक संस्थानों में भी अधिवेशन को लेकर उत्साह देखने को मिल रहा है। शहर में हर ओर स्वागत के बैनर और युवाओं की आवाजाही ने वातावरण को ऊर्जावान बना दिया है।

इस अधिवेशन से यह संदेश स्पष्ट है कि भारत के विकास के केंद्र में युवा शक्ति है, और उनके संकल्प, अनुशासन तथा राष्ट्रभक्ति से ही देश 2047 तक विश्व की शीर्ष शक्तियों में अपनी जगह सुनिश्चित करेगा।

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