बुखार में भी सक्रिय रहता है बर्ड फ्लू वायरस, नई शोध में चौंकाने वाला खुलासा
नई दिल्ली: एक नई वैज्ञानिक शोध रिपोर्ट ने बर्ड फ्लू वायरस को लेकर चिंताएं और बढ़ा दी हैं। शोधकर्ताओं ने पाया है कि यह वायरस सामान्य मानव बुखार से अधिक तापमान पर भी खुद की प्रतिकृति बनाने में सक्षम है। यह क्षमता इसे मानव शरीर में अधिक प्रभावी तरीके से संक्रमण फैलाने योग्य बनाती है।
शोध के अनुसार, मानव शरीर में बुखार एक स्वाभाविक रक्षा तंत्र की तरह काम करता है। जब शरीर में संक्रमण होता है, तो तापमान बढ़ाकर वायरस को कमजोर किया जाता है, ताकि वे तेजी से न बढ़ सकें। कई मानव जनित फ्लू वायरस बुखार के माहौल में सहज प्रतिकृति नहीं बना पाते, जिससे गंभीर संक्रमण का खतरा कम हो जाता है।

लेकिन शोधकर्ताओं का कहना है कि बर्ड फ्लू वायरस इस प्राकृतिक सुरक्षा ढाल को पार करने में सक्षम हो गया है। यह वायरस 37 से 40 डिग्री सेल्सियस तक के तापमान पर भी सक्रिय रहकर अपनी प्रतिकृति बनाता रहता है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह क्षमता इसे मनुष्यों में संक्रमण फैलाने के लिए और भी अधिक खतरनाक बना देती है।
शोधकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि वायरस में आगे कोई ऐसा बदलाव होता है, जो इसे मनुष्यों से मनुष्यों में फैलने योग्य बना दे, तो वैश्विक स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा हो सकता है। इसलिए इस पर लगातार निगरानी रखने और शोध जारी रखने की जरूरत है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ लोगों को जागरूक रहने, पक्षियों और पोल्ट्री से संबंधित क्षेत्रों में सावधानी बरतने और फ्लू जैसे लक्षणों पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेने की सलाह दे रहे हैं। वैज्ञानिक समुदाय भी इस वायरस के व्यवहार को समझने और प्रभावी रोकथाम रणनीतियों के विकास पर काम कर रहा है।
