देहरादून में शिक्षा माफियाओं पर प्रशासन का शिकंजा, फीस वृद्धि मामले में बुक डिपो सील


- जिला प्रशासन एवं पुलिस की संयुक्त कार्यवाही, कई फेमस दुकानें सील
देहरादून : अगर आपका बच्चा किसी निजी स्कूल में पढता है तो उस स्कूल की डिमांड देखिये, ये खरीदो, वो खरीद के लाओ…..अभिभावक टेंशन में रहता है. स्कूल फीस इतनी महँगी अलग से. टॉप कर रहे हैं फिर भी सरकारी स्कूल वाले, जवाहर नवोदय, केंद्रीय विद्यालय, आर्मी पब्लिक स्कूल, सरकारी स्कूल इत्यादि. फिर भी निजी स्कूल के बच्चे टॉपर कुछ ही निकल पाते हैं…..आंखिर में कहा जाए तो स्कूल को एक मोटी कमाई की दूकान बना दी जाती है. या बन गयी है. शिक्षा में माफिया घुश गया है. देहरादून में शानदार काम किया पुलिस प्रशासन ने. यहाँ पर, पुलिस के अनुसार, अभिभावकों को विवश कर जबरन सामग्री बेचने, टैक्स चोरी, मांगने पर भी बिल न देने पर डीएम के निर्देश पर संगीन धाराओं में दर्ज हुई थी प्राथमिकी। जीएसटी चोरी, फर्जी प्रकाशन के साथ ही कई किताबों के आईएसबीन नंबर नहीं हुए ट्रैक यूनिवर्सल बुक डिपो, नेशनल बुक डिपो, ब्रदर पुस्तक भंडार दुकाने सील….स्कूलों से गठजोड़ वाली प्रमुख दुकानों जिनकी अभिभावकों से अधिक शिकायतें प्राप्त हो रही थी, पर हुई थी कार्रवाई. निजी स्कूलों पर जल्द हो सकती है कड़ी प्रवर्तन कार्रवाई.. यूनिवर्सल बुक डिपो, नेशनल बुक डिपो, ब्रदर पुस्तक भंडार, एशियन बुक डिपो, दुकाने सील की गयी.
