मसूरी में रक्षा मंत्री का स्वागत, राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी में कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में होंगे शामिल
मसूरी: मसूरी में माहौल उस समय उत्साहपूर्ण हो गया जब देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शाम करीब 4:30 बजे लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी पहुंचे। उनके आगमन को देखते हुए अकादमी परिसर और मसूरी शहर में सुरक्षा के व्यापक और कड़े इंतज़ाम किए गए थे। पुलिस, प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों की टीमों ने सुबह से ही क्षेत्र में मोर्चा संभाल रखा था।
रक्षा मंत्री के पहुंचते ही अकादमी के निदेशक ने औपचारिक रूप से उनका स्वागत किया और उन्हें कार्यक्रम के लिए आमंत्रित किया। इस अवसर पर प्रदेश सरकार की ओर से कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी मौजूद रहे। उन्होंने रक्षा मंत्री का स्वागत करते हुए प्रदेश सरकार की ओर से उन्हें मसूरी आगमन पर शुभकामनाएं प्रेषित कीं। मसूरी की नगर पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी ने भी पुष्पगुच्छ देकर रक्षा मंत्री का अभिनंदन किया और स्थानीय जनता की ओर से स्वागत संदेश दिया।

भाजपा संगठन की ओर से मंडल अध्यक्ष रजत अग्रवाल तथा पूर्व रक्षा मंडल अध्यक्ष मोहन पेटवाल ने भी रक्षा मंत्री का स्वागत किया। उनके साथ स्थानीय भाजपा कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद थे, जिन्होंने नारे लगाकर और फूलमालाएं अर्पित कर उत्साह प्रकट किया। मसूरी के नागरिकों में भी रक्षा मंत्री के आगमन को लेकर विशेष उत्सुकता देखी गई, और कई लोग अकादमी के बाहर उनकी एक झलक पाने के लिए खड़े दिखाई दिए।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह एलबीएसएनएए में नव-प्रशिक्षित और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों से संवाद करेंगे। माना जा रहा है कि वे देश की सुरक्षा, रणनीतिक दृष्टिकोण, रक्षा आधुनिकीकरण और प्रशासनिक नेतृत्व की बदलती चुनौतियों पर विस्तृत तरीके से चर्चा करेंगे। इसके अलावा कार्यक्रम में ‘नेशनल सिक्योरिटी एंड गवर्नेंस’ विषय पर उनकी विशेष व्याख्यान भी प्रस्तावित है।
अधिकारियों के अनुसार, कार्यक्रम के उपरांत रक्षा मंत्री की प्रदेश के प्रतिनिधियों के साथ संक्षिप्त बैठक भी संभावित है, जिसमें उत्तराखंड में रक्षा अवसंरचना के विस्तार, सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा और स्थानीय युवाओं के लिए सेना में अवसर बढ़ाने जैसे मुद्दों पर विमर्श हो सकता है।
रक्षा मंत्री के दौरे को देखते हुए मसूरी और आसपास के मार्गों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। ट्रैफिक पुलिस ने भी यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए कई स्थानों पर डायवर्ट प्लान लागू किया। अकादमी परिसर में प्रवेश केवल अधिकृत पास से ही संभव था, जबकि सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे क्षेत्र की निगरानी ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों की मदद से की।
रक्षा मंत्री का यह दौरा न केवल प्रशासनिक अधिकारियों के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि मसूरी के लिए भी गौरव का पल है, क्योंकि इससे शहर राष्ट्रीय स्तर के संवाद और निर्णयों का केंद्र बनता जा रहा है।
