तीर्थयात्रियों से मनमाना किराया वसूल रहे ई-ऑटो चालक, विदेशी पर्यटक भी बन रहे निशाना

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ऋषिकेश। तीर्थ नगरी ऋषिकेश में ई-ऑटो चालकों द्वारा नियम-कायदों की अनदेखी की जा रही है। हालात यह हैं कि महज तीन किलोमीटर के सफर के लिए प्रति यात्री 100 रुपये तक वसूले जा रहे हैं। रात के समय यही किराया दोगुना कर दिया जाता है। इसके बावजूद परिवहन विभाग इन वाहन चालकों पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं कर पा रहा है।

योगनगरी स्टेशन से हटाई गई रेट लिस्ट
योगनगरी रेलवे स्टेशन के बाहर संचालित होने वाले अधिकांश ई-ऑटो चालकों ने किराए की सूची ही हटा दी है। ऐसे में यात्रियों को यह जानकारी नहीं मिल पाती कि निर्धारित किराया क्या है। परिवहन विभाग के अधिकारियों द्वारा भी इस अनियमितता पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

विदेशी पर्यटकों से वसूला जा रहा अतिरिक्त किराया
तपोवन क्षेत्र में योग और ध्यान के लिए आने वाले विदेशी सैलानियों से मनमाने दाम वसूले जा रहे हैं। यहां सालभर विदेशी पर्यटकों का आवागमन बना रहता है। हाल ही में जर्मनी से आई पर्यटक माइकाला ने बताया कि दो मार्च को उन्होंने तपोवन से कैलाश गेट तक विक्रम में सफर किया। अन्य सात यात्रियों के साथ सफर करने के बावजूद चालक ने उनसे 300 रुपये वसूले, जबकि भारतीय यात्रियों से मात्र 10 रुपये प्रति व्यक्ति लिए गए।

स्थानीय यात्रियों से भी हो रही लूट
दिल्ली निवासी अंकुश ने शिकायत की कि योगनगरी रेलवे स्टेशन से तपोवन जाने के लिए उन्होंने ई-ऑटो लिया। चालक ने उन्हें मधुवन आश्रम में उतार दिया और 300 रुपये किराया मांग लिया, जबकि सामान्य किराया केवल 20 रुपये प्रति सवारी बताया गया।

पटना से आए रतन कुमार ने बताया कि वह अपने परिवार के साथ योगनगरी स्टेशन से त्रिवेणी घाट पहुंचे। वहां ई-ऑटो चालक ने उनसे 250 रुपये वसूल लिए। उन्होंने मांग की कि इस तरह की मनमानी पर रोक लगाई जाए।

कोलकाता निवासी चंद्र भूषण पांडेय ने भी अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि योगनगरी रेलवे स्टेशन से त्रिवेणी घाट तक के सफर में उनसे प्रति यात्री 100 रुपये वसूले गए। उन्होंने परिवहन विभाग से अपील की कि नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए ताकि यात्रियों से अनुचित किराया वसूली बंद हो सके।

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