लक्ष्मण झूला पुलिस की कानूनी पाठशाला में छात्रों को नशे व साइबर अपराध से किया जागरूक

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ऋषिकेश : लक्ष्मण झूला पुलिस द्वारा राजकीय इंटर कॉलेज गंगाभोगपुर मल्ला में विद्यार्थियों के लिए एक विशेष कानूनी पाठशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्र-छात्राओं को बढ़ते साइबर अपराध, नशीले पदार्थों की लत, लैंगिक अपराधों से सुरक्षा और कानून से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं के बारे में जागरूक करना था।

कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों ने सबसे पहले विद्यार्थियों को नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाले गंभीर दुष्परिणामों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नशा न केवल व्यक्ति का शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य नष्ट करता है, बल्कि पढ़ाई, परिवारिक संबंधों और भविष्य के करियर पर भी गहरा नकारात्मक प्रभाव डालता है। अधिकारियों ने कहा कि नशे की शुरुआत जिज्ञासा से होती है, लेकिन धीरे-धीरे यह लत बन जाती है और जीवन को बर्बादी की ओर धकेल देती है।

पुलिस टीम ने विद्यार्थियों को यह भी समझाया कि नशा करने पर मस्तिष्क की कार्यप्रणाली कमजोर होती है, निर्णय लेने की क्षमता प्रभावित होती है और कई बार गलत संगत व अपराध की ओर भी कदम बढ़ जाते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि नशे का सेवन कानूनन अपराध है और इस संबंध में कठोर दंड का प्रावधान है, इसलिए छात्र जीवन में ऐसे गलत रास्तों से दूर रहना बेहद जरूरी है।

सत्र के दौरान अधिकारियों ने लैंगिक अपराधों की रोकथाम से संबंधित महत्वपूर्ण कानूनों पर भी प्रकाश डाला। बच्चियों को पॉक्सो एक्ट के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई और उन्हें बताया गया कि किसी भी प्रकार की असहज स्थिति या अपराध का सामना करने पर तुरंत पुलिस या भरोसेमंद बड़ों को सूचित करें।

पुलिस टीम ने विद्यार्थियों को साइबर अपराध और डिजिटल अरेस्ट जैसे बढ़ते खतरों के बारे में भी जागरूक किया। उन्होंने बताया कि इंटरनेट पर धोखाधड़ी, फर्जी कॉल, हैकिंग, सोशल मीडिया गैंग और डिजिटल ब्लैकमेलिंग से बचने के लिए सतर्कता जरूरी है। किसी भी संदिग्ध लिंक, कॉल या मैसेज पर प्रतिक्रिया न करने और निजी जानकारी साझा न करने की सलाह दी गई।

कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षकों ने पुलिस विभाग की इस पहल की सराहना की और कहा कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रम विद्यार्थियों को सही दिशा देने में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। पुलिस ने छात्रों को भरोसा दिलाया कि किसी भी विपरीत परिस्थिति में वे तुरंत मदद के लिए उपलब्ध हैं।

कानूनी पाठशाला का समापन विद्यार्थियों को अपराध और नशे से दूर रहने तथा सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने की शपथ दिलाकर किया गया।

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