यूरिक एसिड होगा छूमंतर! सुबह की ये 3 आदतें, किडनी भी रहेगी स्वस्थ

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यूरिक एसिड एक हानिकारक पदार्थ है जो शरीर में प्यूरिन के टूटने से बनता है। आमतौर पर यह पेशाब के जरिए निकल जाता है, लेकिन अगर यह जमा होने लगे तो नुकसानदायक हो सकता है। सुबह की कुछ आदतें इसे नियंत्रित करने में मदद कर सकती हैं।

शरीर में यूरिक एसिड का बढ़ना एक आम समस्या है, जिससे कई लोग परेशान रहते हैं। यह एक केमिकल कंपाउंड है, जो प्यूरीन नाम के प्रोटीन के टूटने से बनता है। आम तौर पर, यह पेशाब के माध्यम से शरीर से बाहर निकल जाता है, लेकिन गलत खानपान और खराब जीवनशैली के कारण इसकी मात्रा बढ़ सकती है। यूरिक एसिड का उच्च स्तर गठिया, जोड़ों में दर्द और गुर्दे की समस्याओं का कारण बन सकता है, इसलिए समय रहते इसे नियंत्रित करना महत्वपूर्ण है।

कैसे कंट्रोल करें यूरिक एसिड

यूं तो हाई यूरिक एसिड को कंट्रोल करने के लिए लोग अक्सर अपनी डाइट में बदलाव करते हैं। खाने में कुछ चीजें शामिल कर और कुछ चीजों का डाइट से बाहर कर यूरिक एसिड को काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है, लेकिन कुछ आदतों की मदद से भी काफी हद यूरिक एसिड कंट्रोल हो सकता है। खासकर सुबह की कुछ आदतें काफी फायदेमंद साबित हो सकती है। आइए जानते हैं ऐसी ही कुछ मॉर्निंग हैबिट्स के बारे में-

पानी पिंए

शरीर में बढ़े हुए यूरिक एसिड को बाहर निकालने का सबसे अच्छा तरीका है, पानी पीना। आमतौर पर यूरिक एसिड यूरिन के जरिए शरीर से बाहर निकलता है। ऐसे में सुबह उठते ही सबसे पहले पानी पीना बॉडी से यूरिक एसिड को बाहर करने का सबसे कारगर तरीका है।

सुबह-सुबह पिएं नींबू पानी

हाई यूरिक एसिड को कंट्रोल करने के लिए नींबू भी एक बढ़िया तरीका है। यह यूरिक एसिड को कंट्रोल या बैलेंस करने में मदद करता है। साथ ही नींबू पाचन को भी बेहतर बनाता है, जो यूरिक एसिड के क्रिस्टल बनने से रोकने में मदद करता है।

घास पर चलना

आपने अक्सर बड़े-बूढ़ों और हेल्थ एक्सपर्ट्स को घास पर चलने की सलाह देते सुना होगा। सुबह-सुबह हरी घास पर चलना सेहत के लिए कई मायनों में फायदेमंद होता है। इससे यूरिक एसिड को कंट्रोल करने में मदद मिलती है। दरअसल, घास पर नंगे पैर चलने से तलवों का नेचुरल एक्यूप्रेशर होता है, जो किडनी की फंक्शनिंग को बढ़ाता है, जिससे यूरिक एसिड आसानी से शरीर से बाहर निकल जाता है।

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