विश्व ऑटिज़्म जागरूकता दिवस 2025: बच्चों में ऑटिज़्म के लक्षण और उपचार के संभावित तरीके


ऑटिज़्म जागरूकता दिवस पर, डॉक्टरों ने बच्चों में लक्षणों और उपचार पर जानकारी दी। ऑटिज़्म का इलाज नहीं, पर शुरुआती मदद से लक्षण कम हो सकते हैं।
ऑटिज़्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर (एएसडी), एक न्यूरोडेवलपमेंटल स्थिति, बच्चों की बातचीत, सामाजिक व्यवहार और दैनिक गतिविधियों को प्रभावित करती है। विश्व ऑटिज़्म जागरूकता दिवस पर, डॉ. कपिल अग्रवाल ने बताया कि बच्चों में ऑटिज़्म के लक्षणों में सामाजिक संपर्क की कठिनाई, भाषा विकास में देरी और दोहरावदार व्यवहार शामिल हैं। हालांकि इसका कोई इलाज नहीं, लेकिन प्रारंभिक हस्तक्षेप और उपचार से बच्चों के कौशल विकास में मदद मिल सकती है। ऑटिज़्म के बारे में जागरूकता बढ़ाना ज़रूरी है ताकि प्रभावित बच्चों और परिवारों को सहायता मिल सके।
ऑटिज्म के लक्षण
ऑटिज्म एक कॉम्प्लेक्स कंडिशन है, जिसके लक्षण हर बच्चे में अलग-अलग हो सकते हैं।
सोशल कॉन्टेक्ट में कमी
- बच्चा आंख से आंख नहीं मिलाता।
- अपना नाम पुकारने पर रिएक्शन नहीं देता।
- दूसरों के चेहरे के हाव-भाव या भावनाओं को समझने में परेशानी होती है।
- दूसरे बच्चों के साथ खेलने या घुलने-मिलने में दिलचस्पी नहीं दिखाता।
बातचीत से जुड़ी परेशानियां
- बोलने में देरी हो सकती है या बिल्कुल नहीं बोलता।
- बातचीत में दोहराव वाले शब्दों का इस्तेमाल करता है।
- इशारों या चेहरे के भावों से अपनी जरूरतें जाहिर नहीं कर पाता।
एक ही आदत और व्यवहार दोहराना
- हाथ फड़फड़ाना, घूमना या एक ही चीज को बार-बार करना।
- रुटीन में बदलाव से चिढ़ जाना या परेशान होना।
- किसी खास खिलौने या वस्तु से ज्यादा लगाव।
सेंसरी सेंसिटिविटी
- कुछ आवाजों, रोशनी या छूने के प्रति ज्यादा सेंसिटिविटी।
- खाने-पीने की आदतों में बहुत ज्यादा नखरे (केवल कुछ खास चीजें ही खाना)।
क्या ऑटिज्म का इलाज है?
ऑटिज्म एक आजीवन रहने वाली कंडिशन है, जिसका कोई इलाज नहीं है। हालांकि, शुरुआती हस्तक्षेप (Early Intervention) और अलग-अलग थेरेपीज से ऑटिज्म से प्रभावित बच्चों की जिंदगी को बेहतर बनाया जा सकता है।
व्यवहारिक थेरेपी (Behavioral Therapy)
- एप्लाइड बिहेवियर एनालिसिस (ABA): इस थेरेपी में बच्चे को सोशल स्किल्स, भाषा और व्यवहार संबंधी सुधार सिखाए जाते हैं।
- स्पीच थेरेपी: बोलने और बात करने की क्षमता को विकसित करने में मदद करती है।
ऑक्यूपेशनल थेरेपी (Occupational Therapy)
यह थेरेपी बच्चे को रोज के काम (जैसे कपड़े पहनना, खाना खाना) करना सिखाती है।
खास शिक्षा (Special Education)
कुछ स्कूल ऑटिज्म से पीड़ित बच्चों के लिए खास करिक्युलम तय करते हैं, जो उनकी जरूरतों के अनुसार शिक्षा देते हैं।
दवाएं (Medications)
ऑटिज्म को ठीक करने वाली कोई दवा नहीं है, लेकिन कुछ दवाएं (जैसे हाइपरएक्टिविटी, चिंता या नींद की समस्या के लिए) लक्षणों को कम करने में मदद कर सकती हैं।
