पहाड़ी रूटों को मिलेगी नई रफ्तार: देहरादून पहुँची 50 बीएस 6 बसों की पहली खेप
देहरादून: उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन को सुरक्षित, सुगम और पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। उत्तराखंड परिवहन निगम को पर्वतीय रूटों के लिए आधुनिक तकनीक से लैस कुल 300 नई बीएस-6 बसें उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसी क्रम में पहली खेप के रूप में 50 नई बीएस-6 बसें देहरादून पहुँच चुकी हैं, जिन्हें जल्द ही विभिन्न पहाड़ी मार्गों पर संचालित किया जाएगा।
परिवहन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि बीएस-6 मानक की ये नई बसें पुराने मॉडल की तुलना में अधिक ईंधन दक्ष हैं और कम प्रदूषण उत्सर्जित करती हैं। इनकी ब्रेकिंग क्षमता बेहतर है, इंजन अधिक शक्तिशाली है और यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उन्नत तकनीक से इन्हें तैयार किया गया है। इससे न सिर्फ पहाड़ी सफर में सुविधा बढ़ेगी, बल्कि कठिन मार्गों पर बसों की विश्वसनीयता भी बेहतर होगी।

अधिकारियों के अनुसार, कुल 300 बसों में से 250 बसें चरणबद्ध तरीके से आने वाले महीनों में निगम को उपलब्ध कराई जाएंगी। इन बसों को विशेष रूप से पर्वतीय मार्गों की आवश्यकताओं को देखते हुए डिजाइन किया गया है, जिसमें तीखे मोड़ों और खड़ी चढ़ाइयों पर बेहतर पकड़ प्रदान करने वाली तकनीक शामिल है।
परिवहन निगम का कहना है कि नई बसों के शामिल होने से यात्रियों की सुरक्षा और आराम में उल्लेखनीय सुधार होगा। साथ ही, कई पुराने बेड़े को हटाकर उनकी जगह ये नई बसें दी जा सकेंगी, जिससे पहाड़ी यात्राओं की समयबद्धता और विश्वसनीयता भी बढ़ेगी।
पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार बढ़ती आवाजाही और पर्यटन को ध्यान में रखते हुए यह पहल एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। नई बीएस-6 बसों के आने से राज्य में पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों को भी मजबूती मिलेगी और सड़क परिवहन के क्षेत्र में एक नई शुरुआत होगी।
