असम में दूसरी शादी अपराध घोषित, बहुविवाह पर प्रतिबंध वाला विधेयक पारित अधिकतम 10 साल की जेल का प्रावधान

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गुवाहाटी: असम विधानसभा ने राज्य में बहुविवाह पर रोक लगाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक विधेयक को मंजूरी दे दी है। इस विधेयक के पारित होने के बाद अब राज्य में दूसरी शादी करना एक दंडनीय अपराध माना जाएगा। सरकार ने इसे सामाजिक सुधार और महिलाओं के अधिकारों की सुरक्षा से जुड़ा बड़ा कदम बताया है।

नए विधेयक के तहत बहुविवाह को अपराध की श्रेणी में शामिल किया गया है और दोषी पाए जाने पर अधिकतम 10 वर्ष की सजा का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही भारी जुर्माने का भी प्रावधान रखा गया है। सरकार का कहना है कि यह कानून सभी धर्मों पर समान रूप से लागू होगा चाहे वह हिंदू हों, मुस्लिम हों या किसी अन्य धर्म के अनुयायी।

विधानसभा में इस विधेयक पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष ने कहा कि इस कदम से उन महिलाओं को न्याय मिलेगा जो बहुविवाह के कारण मानसिक, सामाजिक और आर्थिक रूप से प्रभावित होती हैं। राज्य सरकार का दावा है कि यह कानून महिलाओं के अधिकारों और सम्मान की दिशा में एक ऐतिहासिक सुधार साबित होगा।

हालांकि कुछ विपक्षी दलों ने इसे व्यक्तिगत आस्था और धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकारों के संदर्भ में बहस का मुद्दा बताया, लेकिन अंततः बहुमत के साथ विधेयक पारित हो गया। सरकार ने स्पष्ट किया है कि कुछ विशेष परिस्थितियों और अपवादों को विधेयक में शामिल किया गया है, ताकि न्यायिक प्रक्रिया संतुलित रहे।

विधेयक के लागू होने के बाद, राज्य में बिना कानूनी अनुमति के दूसरी शादी करने पर तुरंत कार्रवाई की जा सकेगी। असम सरकार का मानना है कि इससे समाज में सकारात्मक संदेश जाएगा और महिलाओं के हितों की रक्षा और सशक्तिकरण को गति मिलेगी।

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