डॉ. विनोद जुगलान ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
ऋषिकेश : दून इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल एवं शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के संयुक्त तत्वावधान में “पर्यावरण शिक्षा” एवं “व्यक्तित्व का समग्र विकास” विषय पर एक प्रेरणादायी शैक्षणिक कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में पर्यावरणविद् डॉ. विनोद प्रसाद जुगलान, प्रांत संयोजक, पर्यावरण शिक्षा, विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता उत्पन्न करना तथा उनके व्यक्तित्व के सर्वांगीण विकास की दिशा में सकारात्मक पहल करना था।
कार्यक्रम के दौरान डॉ. जुगलान ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए पर्यावरण संरक्षण, नदियों के पुनरुद्धार, नैतिक मूल्यों तथा भारतीय ज्ञान परंपरा के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आज के दौर में केवल औपचारिक शिक्षा ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि प्रकृति, संस्कृति और नैतिकता से जुड़ाव भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को छोटे-छोटे दैनिक प्रयासों—जैसे जल संरक्षण, प्लास्टिक का कम उपयोग, वृक्षारोपण और स्वच्छता—के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
उन्होंने जलवायु परिवर्तन के कारण उत्पन्न हो रही वैश्विक समस्याओं, जैसे अनियमित वर्षा, बढ़ता तापमान, ग्लेशियरों का पिघलना और जैव विविधता पर पड़ रहे प्रभावों पर भी विस्तार से चर्चा की। साथ ही इन चुनौतियों से निपटने के लिए सामूहिक प्रयास, जागरूकता और व्यवहार परिवर्तन को आवश्यक बताया। डॉ. जुगलान ने भारतीय परंपरा में प्रकृति पूजन की भावना को रेखांकित करते हुए कहा कि हमारी संस्कृति सदैव पर्यावरण संरक्षण की प्रेरणा देती रही है।कार्यशाला के दौरान प्रश्नोत्तर सत्र एवं विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से छात्रों की सक्रिय सहभागिता देखने को मिली। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रश्न पूछे और विषय से संबंधित अपने विचार भी साझा किए। विद्यालय पत्रिका के लिए छात्राएँ आस्था और दिव्यांशी जखमोला ने डॉ. जुगलान का विशेष साक्षात्कार लिया, जिसमें उन्होंने पर्यावरण शिक्षा को नई दिशा देने और विद्यालय स्तर पर हरित पहल को बढ़ावा देने की अपनी योजनाओं पर विचार साझा किए।
विद्यालय की प्रधानाचार्या डॉ. तनुजा पोखरियाल ने मुख्य अतिथि का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएँ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, नैतिक सुदृढ़ता और जिम्मेदार नागरिक निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने कहा कि विद्यालय भविष्य में भी इस प्रकार के शैक्षणिक एवं जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन करता रहेगा।
इस अवसर पर डिप्स बज्ज से मीना कोठारी, इको क्लब से नीलम नौटियाल, स्कूल कॉर्डिनेटर त्रिलोकी नाथ भारद्वाज एवं मुकेश जोशी सहित अन्य शिक्षकगण उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका को सुदृढ़ बनाने के संकल्प के साथ किया गया।
