ऊर्जा निगमों में पदोन्नति कोटा बढ़ाने की मांग, जूनियर इंजीनियरों ने उठाए सेवा संबंधी मुद्दे

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देहरादून। उत्तराखंड के तीनों ऊर्जा निगमों में अवर अभियंताओं की पदोन्नति व्यवस्था में बदलाव और कार्मिकों की लंबित समस्याओं के निस्तारण की मांग तेज हो गई है। उत्तराखंड पावर जूनियर इंजीनियर्स एसोसिएशन ने अवर अभियंताओं, प्रोन्नत अभियंताओं और सेवानिवृत्त कर्मचारियों से जुड़े विभिन्न सेवा मामलों को प्रमुखता से उठाते हुए उनके जल्द समाधान की मांग की है।

रविवार को माजरा स्थित 132 केवी सब स्टेशन परिसर के विकास सदन में एसोसिएशन की बैठक आयोजित की गई। बैठक में कर्मचारियों की सेवा संबंधी समस्याओं, पदोन्नति प्रक्रिया और लंबित मामलों पर चर्चा हुई। पदाधिकारियों ने कहा कि विद्युत व्यवस्था के सुचारु संचालन में जूनियर इंजीनियरों की अहम भूमिका है, लेकिन लंबे समय से उनकी कई समस्याओं का समाधान नहीं हो पाया है।

पदोन्नति में 58.33 प्रतिशत कोटा निर्धारित करने का प्रस्ताव

एसोसिएशन ने उत्तराखंड के तीनों ऊर्जा निगमों में अवर अभियंता से सहायक अभियंता पद पर पदोन्नति का कोटा बढ़ाकर 58.33 प्रतिशत करने की मांग रखी। प्रस्ताव के तहत कुल पदोन्नति कोटे में 50 प्रतिशत हिस्सा सीधी भर्ती के माध्यम से नियुक्त अवर अभियंताओं के लिए और 8.33 प्रतिशत हिस्सा बीई/एएमआइई डिग्रीधारी अवर अभियंताओं के लिए निर्धारित करने की बात कही गई।

एसोसिएशन का कहना है कि पदोन्नति से जुड़े मामलों का उचित निस्तारण कर्मचारियों के हितों के साथ-साथ विभागीय कार्यप्रणाली को भी बेहतर बनाने में सहायक होगा।

बैठक में पदाधिकारियों ने जोर दिया कि अवर अभियंताओं से लेकर प्रोन्नत अभियंताओं और सेवानिवृत्त कार्मिकों तक की समस्याओं पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। एसोसिएशन ने संबंधित स्तर पर इन मांगों पर कार्रवाई कर लंबित सेवा मामलों के समाधान की अपेक्षा जताई।

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