टिहरी को खुले में शौच मुक्त बनाने की कवायद तेज, 157 निजी और 12 सार्वजनिक शौचालय बने
वित्तीय वर्ष 2026-27 में निजी शौचालयों के लिए 371 और सार्वजनिक शौचालयों के लिए 20 का लक्ष्य निर्धारित
टिहरी गढ़वाल: जनपद टिहरी गढ़वाल को खुले में शौच मुक्त बनाने और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता सुविधाओं को मजबूत करने के लिए स्वजल विभाग के सहयोग से विभिन्न विकासखंडों में निजी एवं सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण कराया जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में निजी शौचालय निर्माण के निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष अब तक 157 शौचालयों का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि सार्वजनिक शौचालयों के 20 के लक्ष्य के सापेक्ष 12 का निर्माण पूर्ण कर लिया गया है।
स्वच्छता अभियान के तहत जनपद में निजी शौचालय निर्माण के लिए कुल 371 का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। वहीं, सार्वजनिक शौचालय निर्माण के लिए 20 का लक्ष्य रखा गया है। शेष शौचालयों का निर्माण कार्य प्रगति पर है।
स्वच्छता सुविधाओं के विस्तार पर जोर
परियोजना निदेशक स्वजल ज्योति ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता सुविधाओं का विस्तार करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप शेष निजी एवं सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण जल्द पूरा करने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। इसका उद्देश्य ग्रामीणों को बेहतर स्वच्छता सुविधाएं उपलब्ध कराना और खुले में शौच की प्रथा को समाप्त करना है।
जनप्रतिनिधियों से सहयोग की अपील
परियोजना निदेशक ने ग्रामीण जनप्रतिनिधियों से अपील की कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में स्वच्छता अभियान को जनभागीदारी के माध्यम से आगे बढ़ाएं। साथ ही पात्र परिवारों को निजी शौचालय निर्माण के लिए प्रेरित करें और सार्वजनिक शौचालयों के निर्माण में प्रशासन का सहयोग करें।
उन्होंने कहा कि स्वच्छता केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। जनसहभागिता से ही खुले में शौच की प्रथा को समाप्त करने और स्वच्छता के प्रति स्थायी व्यवहार विकसित करने का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।जनपद प्रशासन का लक्ष्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता सुविधाओं की उपलब्धता बढ़ाकर लोगों के स्वास्थ्य और जीवन स्तर में सुधार लाना है। इसी संकल्प के साथ टिहरी गढ़वाल को खुले में शौच मुक्त बनाने की दिशा में प्रयास जारी हैं।


