बेहतर जीवनशैली से घट सकता है मधुमेह और हृदय रोगों का खतरा, एम्स में विशेषज्ञों ने किया मंथन
ऋषिकेश। मधुमेह और हृदय रोगों के बढ़ते खतरे के बीच इनके प्रभावी प्रबंधन और मरीजों को बेहतर जीवन देने के उपायों पर एम्स ऋषिकेश में देशभर के विशेषज्ञों ने चर्चा की। संस्थान में आयोजित कार्डियो डायबेटिक सोसाइटी (सीडीएस) के सातवें वार्षिक सम्मेलन में बीमारियों की रोकथाम, आधुनिक उपचार पद्धतियों और स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने जैसे विषय प्रमुख रहे।
सम्मेलन में विशेषज्ञों ने कहा कि मधुमेह और हृदय रोगों से जुड़े जोखिम को कम करने के लिए जीवनशैली में सुधार बेहद जरूरी है। संतुलित आहार अपनाने, नियमित शारीरिक गतिविधियां करने, समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराने और बीमारी के लक्षण सामने आने पर समय से उपचार लेने से गंभीर जटिलताओं की आशंका को कम किया जा सकता है।
कार्यक्रम का उद्घाटन एम्स के डीन एकेडमिक प्रो. सौरभ वार्ष्णेय ने किया। उन्होंने कहा कि चिकित्सा क्षेत्र में लगातार हो रहे शोध और नई उपचार तकनीकों की जानकारी चिकित्सकों तक पहुंचाने में ऐसे शैक्षणिक सम्मेलन महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इससे विशेषज्ञों को अपने अनुभव साझा करने और मरीजों के उपचार को बेहतर बनाने के नए तरीकों पर विचार-विमर्श करने का अवसर मिलता है।
वहीं, मेडिसिन विभागाध्यक्ष एवं सम्मेलन के आयोजन अध्यक्ष प्रो. रविकांत ने मधुमेह और हृदय रोगों के उपचार में समन्वित दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने इन बीमारियों के प्रबंधन में विभिन्न चिकित्सा पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के महत्व को रेखांकित किया।
सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य मधुमेह और हृदय संबंधी बीमारियों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ रोकथाम और उपचार के बेहतर तरीकों पर विशेषज्ञों के बीच विचारों का आदान-प्रदान करना रहा।


