एसआरएचयू में वेलबीइंग सेंटर की शुरुआत, मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य को मिलेगा बढ़ावा
डोईवाला। शिक्षा के साथ मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य को महत्व देने की दिशा में स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय (एसआरएचयू) ने नई पहल की है। विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों के समग्र कल्याण को ध्यान में रखते हुए ‘वेलबीइंग एसआरएचयू सेंटर’ की स्थापना की गई है। मंगलवार को विश्वविद्यालय के अध्यक्ष डॉ. विजय धस्माणा ने स्वामी राम सेंटर में इस केंद्र का उद्घाटन किया।
इस केंद्र का उद्देश्य विश्वविद्यालय से जुड़े लोगों को ऐसा सकारात्मक और सहज वातावरण उपलब्ध कराना है, जहां वे अपनी भावनाओं को खुलकर व्यक्त कर सकें, स्वयं को बेहतर ढंग से समझ सकें और आवश्यकता पड़ने पर उचित सहयोग प्राप्त कर सकें। यह पहल मानसिक सुकून, आत्मचिंतन और भावनात्मक संतुलन के महत्व को रेखांकित करती है।
आत्मचिंतन से मिलेगी जीवन को सही दिशा
उद्घाटन अवसर पर डॉ. विजय धस्माणा ने कहा कि आज की व्यस्त जीवनशैली में लोग अक्सर अपनी जिम्मेदारियों के बीच स्वयं के लिए समय नहीं निकाल पाते। ऐसे में आत्मचिंतन और अपने मन की स्थिति को समझना बेहद जरूरी है। उन्होंने ‘लाइफ का कंपास’ की अवधारणा का उल्लेख करते हुए कहा कि जीवन में सही दिशा चुनने के लिए आंतरिक संतुलन और स्वयं के प्रति जागरूकता आवश्यक है।
शारीरिक स्वास्थ्य के साथ आंतरिक कल्याण पर जोर
डॉ. स्वामी राम के मूल्यों से प्रेरित यह पहल स्वास्थ्य के व्यापक दृष्टिकोण को सामने रखती है। इसका उद्देश्य केवल शारीरिक रूप से स्वस्थ रहने तक सीमित नहीं है, बल्कि मानसिक शांति, भावनात्मक स्थिरता और सकारात्मक जीवनशैली को भी प्रोत्साहित करना है।
विश्वविद्यालय की इस पहल से विद्यार्थियों और कर्मचारियों के लिए अपनी भावनात्मक जरूरतों को समझने तथा बेहतर मानसिक स्वास्थ्य की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर उपलब्ध होगा।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय की डायरेक्टर ऑपरेशंस साधना मिश्रा सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।


