उत्तराखंड में युवाओं की तैयारी को मिलेगा नया मंच, मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग के लिए 5 करोड़ रुपये का बजट
मेधावी विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति के लिए भी सरकार ने बढ़ाया बजट, अब तक 21,743 छात्रों को मिल चुका है लाभ
देहरादून। उत्तराखंड में युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराने और आर्थिक कारणों से उनकी पढ़ाई प्रभावित न होने देने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने शिक्षा क्षेत्र में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ओर से शुरू की गई मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना के तहत पात्र विद्यार्थियों को निश्शुल्क ऑनलाइन कोचिंग उपलब्ध कराने के लिए पांच करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही छात्रवृत्ति योजनाओं के लिए भी अनुपूरक बजट में अतिरिक्त धनराशि की व्यवस्था की गई है।
11 हजार विद्यार्थियों को मिलेगा मुफ्त कोचिंग का लाभ
मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना का उद्देश्य प्रदेश के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए ऑनलाइन माध्यम से मार्गदर्शन और कोचिंग की सुविधा उपलब्ध कराना है। योजना के अंतर्गत राज्य के विश्वविद्यालयों, राजकीय महाविद्यालयों और शासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में अध्ययनरत पात्र विद्यार्थियों को शामिल किया गया है। इसके तहत करीब 11 हजार छात्र-छात्राओं को लाभ पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
योजना के लिए पांच करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था से विद्यार्थियों को तैयारी के लिए संसाधन उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। इससे उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे युवाओं को अपने भविष्य की दिशा तय करने और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को मजबूत बनाने का अवसर मिलेगा।
21,743 विद्यार्थियों तक पहुंची छात्रवृत्ति की सहायता
प्रदेश में मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने और उनकी शिक्षा में आर्थिक बाधाओं को कम करने के लिए विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाएं संचालित की जा रही हैं। मुख्यमंत्री मेधावी छात्र प्रोत्साहन छात्रवृत्ति योजना समेत अन्य योजनाओं के माध्यम से अब तक 21,743 विद्यार्थियों को लाभ दिया जा चुका है।
इन योजनाओं के अंतर्गत कुल 17 करोड़ 67 लाख 77 हजार 300 रुपये की धनराशि वितरित की गई है। छात्रवृत्ति की सहायता से विद्यार्थियों को आगे की पढ़ाई जारी रखने और शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए प्रोत्साहन देने का प्रयास किया जा रहा है।
छात्रवृत्ति बजट के लिए चार करोड़ रुपये अतिरिक्त
विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति की धनराशि उपलब्ध कराने में वित्तीय कमी न आए, इसके लिए धामी सरकार ने अनुपूरक बजट में चार करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इस अतिरिक्त बजट का उद्देश्य छात्रवृत्ति योजनाओं के लिए वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता बनाए रखना है।
मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग और छात्रवृत्ति के लिए की गई बजट व्यवस्था को प्रदेश में शिक्षा के अवसर बढ़ाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। इन पहलों के माध्यम से सरकार का जोर विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए जरूरी सहयोग उपलब्ध कराने पर है।


