यमकेश्वर में पशुपालकों पर दोहरी मार, वन्यजीवों के हमलों से बढ़ी परेशानी
यमकेश्वर। विकासखंड यमकेश्वर के ग्रामीण इलाकों में गुलदार और भालू की बढ़ती सक्रियता ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। एक ही दिन में पांच गांवों में मवेशियों पर हमले की घटनाएं सामने आने से पशुपालकों में भय का माहौल है। आंवाई गांव में दो बछियों की मौत के बाद ग्रामीणों की चिंता और बढ़ गई है।
जानकारी के अनुसार, फेडुवा गांव में घोड़े, वीरकाटल में गाय, ठांगर में बकरी और सैंज में गाय पर वन्यजीवों ने हमला किया। वहीं, आंवाई गांव में दो बछियां मृत मिलीं। लगातार सामने आ रही इन घटनाओं से पशुपालन के सहारे आजीविका चलाने वाले परिवारों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि बीते कुछ दिनों से क्षेत्र में गुलदार और भालू की गतिविधियां बढ़ी हैं। मवेशियों पर हमलों के कारण लोगों को अपने पशुओं की सुरक्षा की चिंता सता रही है। साथ ही, वन्यजीवों की आवाजाही से ग्रामीणों को खुद की सुरक्षा को लेकर भी आशंका बनी हुई है।
ग्रामीणों ने वन विभाग से प्रभावित गांवों में नियमित गश्त बढ़ाने, वन्यजीवों की गतिविधियों पर नजर रखने और लोगों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है। उनका कहना है कि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो ऐसी घटनाओं से पशुपालकों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।
वन विभाग ने टीम भेजने की कही बात
लालढांग के वन क्षेत्राधिकारी अनुराग जोशी ने बताया कि विभाग को सभी घटनाओं की जानकारी मिल गई है। प्रभावित गांवों में टीम भेजी जा रही है। उन्होंने कहा कि मवेशियों को हुए नुकसान का आकलन करने के बाद नियमानुसार मुआवजे की प्रक्रिया जल्द पूरी की जाएगी।


