दो महीने से फिजिशियन विहीन था ऋषिकेश अस्पताल, अब शासन ने की नई तैनाती
ऋषिकेश। राजकीय उप जिला चिकित्सालय में मरीजों को अब फिजिशियन की कमी से जल्द राहत मिलने की उम्मीद है। शासन ने टिहरी जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हिंडोलाखाल में तैनात डा. शैलेंद्र बिजल्वाण को ऋषिकेश अस्पताल में फिजिशियन की जिम्मेदारी सौंपी है। उन्हें एक सप्ताह के भीतर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं।
अस्पताल में फिजिशियन के दो पद स्वीकृत हैं, लेकिन लंबे समय से यहां केवल एक चिकित्सक के सहारे मरीजों का उपचार किया जा रहा था। करीब दो महीने पहले अस्पताल में तैनात एकमात्र फिजिशियन का हरिद्वार जिले में स्थानांतरण होने के बाद स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो गई थी। इसके चलते मरीजों को उपचार के लिए इंतजार करना पड़ रहा था, जबकि कई गंभीर मरीजों को निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा था।
ईएमओ के जिम्मे थी फिजिशियन ओपीडी
फिजिशियन की तैनाती नहीं होने से अस्पताल प्रबंधन को वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ी। इसके तहत इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर (ईएमओ) को फिजिशियन ओपीडी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया। पिछले दो महीने से ईएमओ ही ओपीडी में मरीजों को देख रहे थे। इससे नियमित ओपीडी के साथ आपातकालीन सेवाओं पर भी काम का दबाव बढ़ गया था।
अब नए फिजिशियन की नियुक्ति से अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है। इससे ओपीडी में मरीजों की जांच और उपचार व्यवस्था सुचारु होने के साथ भर्ती मरीजों को भी राहत मिल सकती है।
ओपीडी और आईपीडी सेवाओं को मिलेगी मजबूती
देहरादून के जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. मनोज शर्मा ने बताया कि शासन की ड्यूटी सूची के अनुसार डा. शैलेंद्र बिजल्वाण की तैनाती ऋषिकेश राजकीय उप जिला चिकित्सालय में की गई है। उन्हें जल्द कार्यभार संभालने के निर्देश दिए गए हैं।
नए चिकित्सक के आने से अस्पताल में फिजिशियन सेवाएं बेहतर होने और मरीजों को उपचार के लिए भटकने की समस्या कम होने की उम्मीद है। खासकर उन मरीजों को राहत मिल सकती है, जिन्हें अब तक विशेषज्ञ चिकित्सक की उपलब्धता के अभाव में परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।


