26 हजार वेतन और पेंशन की मांग पर उतरीं आशा कार्यकर्ता, आंदोलन तेज करने की चेतावनी
अल्मोड़ा। उत्तराखंड में आशा कार्यकर्ताओं ने अपनी लंबित मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। अल्मोड़ा के गांधी पार्क में एकत्रित होकर कार्यकर्ताओं ने धरना-प्रदर्शन किया और मांगों की अनदेखी पर नाराजगी जताई। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
प्रदर्शन कर रही आशा कार्यकर्ताओं ने उन्हें राज्य कर्मचारी का दर्जा देने के साथ 26 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन निर्धारित करने की मांग उठाई। उनका कहना था कि स्वास्थ्य सेवाओं में लंबे समय से योगदान देने के बावजूद उनकी प्रमुख मांगें अब तक पूरी नहीं हो पाई हैं।
प्रोत्साहन राशि और पेंशन का मुद्दा उठाया
धरने के दौरान कार्यकर्ताओं ने 3300 रुपये की प्रोत्साहन राशि का भुगतान पहले की तरह सरकार की ओर से किए जाने की मांग की। इसके साथ ही सेवानिवृत्ति के बाद आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पेंशन व्यवस्था लागू करने पर जोर दिया।
आशा कार्यकर्ताओं ने कहा कि जब तक पेंशन की सुविधा शुरू नहीं होती, तब तक सेवानिवृत्त होने वाली कार्यकर्ताओं को 10 लाख रुपये की एकमुश्त आर्थिक सहायता दी जानी चाहिए। उनके मुताबिक, लंबे समय तक सेवाएं देने के बाद उम्र के इस पड़ाव पर आर्थिक सहारा मिलना जरूरी है।
मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा संघर्ष
कार्यकर्ताओं ने कहा कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को संबंधित स्तर पर उठाती आ रही हैं, लेकिन अब तक ठोस समाधान सामने नहीं आया है। उन्होंने सरकार से मांगों पर गंभीरता से विचार कर जल्द निर्णय लेने की अपील की।
धरने में शामिल आशा कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। प्रदर्शन के दौरान संगठन की अध्यक्ष विजया लक्ष्मी सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहीं।


