डायबिटीज को हल्के में लेना पड़ सकता है भारी, कई गंभीर बीमारियों का बढ़ सकता है खतरा

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ऋषिकेश। मधुमेह यानी डायबिटीज केवल ब्लड शुगर बढ़ने तक सीमित बीमारी नहीं है, बल्कि यह शरीर के कई महत्वपूर्ण अंगों को प्रभावित कर सकती है। यहां तक कि इसका संबंध कुछ प्रकार के कैंसर से भी पाया गया है। ऐसे में समय रहते बीमारी की पहचान और नियमित स्वास्थ्य जांच गंभीर जटिलताओं से बचाव में अहम भूमिका निभा सकती है। एम्स ऋषिकेश में आयोजित कार्डियो डायबेटिक सोसायटी (सीडीएस) के वार्षिक सम्मेलन में विशेषज्ञों ने मधुमेह से जुड़ी चुनौतियों और गंभीर मरीजों के बेहतर उपचार पर चर्चा की।

सोमवार को सम्मेलन के अंतिम दिन चिकित्सकों ने ब्लड शुगर, ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्राल की नियमित जांच को महत्वपूर्ण बताया। विशेषज्ञों के अनुसार, इनकी समय-समय पर निगरानी से मधुमेह और हृदय संबंधी समस्याओं का शुरुआती चरण में पता लगाने में मदद मिल सकती है। इससे समय पर उपचार शुरू कर बीमारी से होने वाले नुकसान को कम करने का अवसर मिलता है।

गंभीर मरीजों के उपचार की चुनौतियों पर मंथन

सम्मेलन में केवल डायबिटीज ही नहीं, बल्कि गंभीर रूप से बीमार मरीजों के उपचार से जुड़ी जटिल समस्याओं पर भी विचार-विमर्श किया गया। विशेषज्ञों ने वेंटिलेटर सपोर्ट से मरीजों को हटाने में आने वाली कठिनाइयों, गंभीर फंगल संक्रमण की जल्द पहचान और एंटीबायोटिक-प्रतिरोधी जीवाणुओं के बढ़ते खतरे जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार साझा किए।

इन विषयों पर चर्चा का उद्देश्य गंभीर मरीजों की स्थिति को बेहतर ढंग से समझना और उपचार के दौरान सामने आने वाली चुनौतियों से निपटने के उपायों पर विचार करना रहा।

कई बीमारियों को प्रभावित कर सकती है डायबिटीज

सम्मेलन के आयोजन अध्यक्ष एवं एम्स ऋषिकेश के मेडिसिन विभागाध्यक्ष प्रो. रविकांत ने कहा कि डायबिटीज आज वैश्विक स्वास्थ्य के सामने बड़ी चुनौती बनी हुई है। इसका असर सीधे शरीर के विभिन्न अंगों पर पड़ सकता है। वहीं, गंभीर स्थिति में अंगों के काम करना बंद कर देने जैसी जटिलताएं भी सामने आ सकती हैं।

उन्होंने बताया कि डायबिटीज का संबंध कई तरह के कैंसर से भी जुड़ा है। इसके अलावा, यह दूसरी बीमारियों के प्रभाव और उनके उपचार की स्थिति को भी प्रभावित कर सकती है। इसलिए मधुमेह को केवल शुगर नियंत्रित रखने तक सीमित नहीं समझना चाहिए, बल्कि इससे जुड़ी अन्य स्वास्थ्य समस्याओं पर भी ध्यान देना जरूरी है।

विशेषज्ञों ने नियमित स्वास्थ्य जांच, समय पर चिकित्सकीय परामर्श और मधुमेह से जुड़ी जटिलताओं के प्रति जागरूकता को बेहतर स्वास्थ्य प्रबंधन का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।

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