उत्तरांचल आयुर्वेदिक कॉलेज में दाखिले पर रोक, 120 सीटें प्रभावित

खबर शेयर करें -

देहरादून। उत्तरांचल आयुर्वेदिक कॉलेज में नए शैक्षणिक सत्र के दौरान आयुर्वेद की पढ़ाई के इच्छुक विद्यार्थियों को बड़ा झटका लगा है। राष्ट्रीय भारतीय चिकित्सा पद्धति आयोग (एनसीआईएसएम) ने कॉलेज को बीएएमएस और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में प्रवेश देने की अनुमति देने से इन्कार कर दिया है। इस फैसले से बीएएमएस की 100 और पीजी पाठ्यक्रमों की 20 सीटों पर दाखिले प्रभावित होंगे। आयोग ने कॉलेज पर एक करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

निरीक्षण में सामने आईं कई गंभीर खामियां

आयोग ने 30 जुलाई को कॉलेज का निरीक्षण किया था। इसके बाद अक्टूबर में संस्थान की व्यवस्थाओं और निर्धारित मानकों के अनुपालन को लेकर सुनवाई की गई। इस दौरान शिक्षकों की उपस्थिति से लेकर अस्पताल के संचालन और सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं तक की जांच की गई।

जांच में शिक्षकों की नियमित उपस्थिति को लेकर सवाल उठे। आयोग ने सीसीटीवी फुटेज, आधार आधारित उपस्थिति प्रणाली और अन्य दस्तावेजों का परीक्षण किया। उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर शिक्षकों की उपस्थिति निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई।

अस्पताल के रिकॉर्ड और दवा वितरण पर भी सवाल

कॉलेज से संबद्ध अस्पताल की व्यवस्थाओं में भी कमियां सामने आईं। ओपीडी रजिस्टर में दर्ज मरीजों की संख्या और वास्तविक स्थिति के बीच अंतर पाया गया। इसके अलावा मरीजों को दवाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था में भी खामियां दर्ज की गईं।

आग सुरक्षा के मामले में भी कॉलेज आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। संस्थान वैध अग्निशमन अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) उपलब्ध कराने में विफल रहा। वहीं, अस्पताल का पंजीकरण समाप्त होने और 105 बेड की क्षमता के अनुरूप वैध पंजीकरण नहीं होने से संबंधित अनियमितताएं भी सामने आईं।

कॉलेज प्रबंधन कोर्ट में देगा चुनौती

आयोग के फैसले के बाद कॉलेज प्रबंधन ने कानूनी रास्ता अपनाने की बात कही है। कॉलेज के अध्यक्ष अश्वनी काम्बोज ने कहा कि इस निर्णय के खिलाफ अदालत का रुख किया जाएगा।

फिलहाल आयोग के फैसले से नए सत्र में कुल 120 सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया प्रभावित होगी। अब इस मामले में अदालत में होने वाली कार्रवाई और आगे आने वाले निर्णय पर कॉलेज तथा प्रवेश के इच्छुक विद्यार्थियों की नजर रहेगी।

Ad