विकसित भारत के सपनों को मिला मंच, नरेंद्रनगर कॉलेज की शीतल बनीं अव्वल

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नरेंद्रनगर। विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में युवाओं की भूमिका और उनकी सोच को सामने लाने के उद्देश्य से धर्मानंद उनियाल राजकीय महाविद्यालय, नरेंद्रनगर में निबंध प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतियोगिता में छात्र-छात्राओं ने राष्ट्र निर्माण, सरकारी विकास कार्यों और वर्ष 2047 तक भारत के विकास की अपनी कल्पनाओं को लेखन के माध्यम से प्रस्तुत किया।

महाविद्यालय की ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत समिति’ और राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के संयुक्त तत्वावधान में उत्तराखंड राज्य सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत ‘मेरे सपनों का भारत–विकसित भारत @2047’ विषय पर यह प्रतियोगिता आयोजित हुई। इसमें प्रतिभागियों को तीन विषयों—केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा किए गए विकास कार्य, विकसित भारत @2047: मेरी कल्पना तथा राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका—पर अपने विचार व्यक्त करने का अवसर दिया गया।

प्रतियोगिता में प्राप्त प्रविष्टियों के मूल्यांकन के बाद बीकॉम तृतीय सेमेस्टर की छात्रा शीतल ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। बीएजेएमसी तृतीय सेमेस्टर की रंजना द्वितीय और इसी कक्षा की कल्पना त्यागी तृतीय स्थान पर रहीं। प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में डॉ. मनोज फोन्दणी, डॉ. सुशील कगडियाल और डॉ. सोनी तिलारा शामिल रहे।

लेखन से विचारों को मिलती है नई दिशा

महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य डॉ. दलीप सिंह बिष्ट ने कहा कि निबंध लेखन एक रचनात्मक गतिविधि है, जो विद्यार्थियों को किसी विषय पर स्वतंत्र रूप से विचार करने, अपने दृष्टिकोण को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने और लेखन कौशल विकसित करने का अवसर देती है।

वहीं, ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत समिति’ के संयोजक डॉ. जितेंद्र नौटियाल ने प्रतियोगिता में सहभागिता करने वाले विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया और सभी के प्रति आभार व्यक्त किया। इस आयोजन के माध्यम से विद्यार्थियों को विकसित भारत के लक्ष्य, राष्ट्र निर्माण में युवाओं के योगदान और देश के भविष्य को लेकर अपनी कल्पनाएं साझा करने का अवसर मिला।

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