कैंची धाम जाने से पहले पढ़ लें ट्रैफिक प्लान, 17-18 अक्टूबर को इन रास्तों से गुजरेंगे वाहन

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नैनीताल। वीकेंड पर बाबा नीम करौली के दर्शन के लिए कैंची धाम पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए पुलिस ने यातायात व्यवस्था में बदलाव किया है। 17 और 18 अक्टूबर को कैंची धाम, भवाली, भीमताल और नैनीताल क्षेत्र में यातायात सुचारु रखने के लिए विशेष ट्रैफिक प्लान लागू किया गया है। इस दौरान कैंची धाम मंदिर तक निजी वाहनों को जाने की अनुमति नहीं होगी। श्रद्धालुओं को निर्धारित पार्किंग स्थलों पर वाहन खड़े कर शटल सेवा से मंदिर तक पहुंचना होगा।

इन मार्गों से गुजरेंगे वाहन

पुलिस की ओर से जारी योजना के मुताबिक, हल्द्वानी और काठगोदाम से अल्मोड़ा, जागेश्वर, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जाने वाले वाहनों को खुटानी बैंड, भीमताल से धारी और धानाचूली बैंड होते हुए भेजा जाएगा। वहीं, काठगोदाम से रानीखेत, बेतालघाट, सुयालबाड़ी और खैरना जाने वाले वाहन सैनिटोरियम से रातीघाट मार्ग का इस्तेमाल करेंगे।

बसों और चौपहिया वाहनों के लिए यह व्यवस्था सुबह पांच बजे से रात आठ बजे तक प्रभावी रहेगी। वीकेंड पर कैंची धाम क्षेत्र और नैनीताल में टैक्सी तथा दोपहिया वाहनों की आवाजाही पर भी प्रतिबंध रहेगा। इसके अलावा भारी वाहनों का संचालन 17 और 18 अक्टूबर को सुबह तीन बजे से रात 11 बजे तक बंद रहेगा।

पार्किंग के बाद शटल सेवा से पहुंचेंगे श्रद्धालु

कैंची धाम में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए अलग-अलग स्थानों पर पार्किंग की व्यवस्था की गई है। भीमताल की ओर से आने वाले पर्यटकों को अपने वाहन भीमताल विकास भवन पार्किंग में खड़े करने होंगे। यहां से कैंची धाम तक पहुंचने के लिए शटल सेवा उपलब्ध कराई जाएगी।

वहीं, गेठिया और नैनीताल की ओर से आने वाले पर्यटक भवाली सैनिटोरियम पार्किंग में अपने वाहन पार्क कर सकेंगे। यहां से भी श्रद्धालुओं को मंदिर तक पहुंचाने के लिए शटल सेवा संचालित की जाएगी।

घर से निकलने से पहले जान लें जरूरी बातें

वीकेंड पर कैंची धाम में संभावित भीड़ को देखते हुए श्रद्धालुओं और पर्यटकों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा पर निकलने से पहले निर्धारित रूट और पार्किंग व्यवस्था की जानकारी जरूर ले लें। मंदिर तक निजी वाहनों की सीधी पहुंच नहीं होने के कारण पार्किंग और शटल सेवा के लिए अतिरिक्त समय लेकर चलना बेहतर रहेगा। इससे यात्रा के दौरान होने वाली परेशानी से बचने के साथ ही यातायात व्यवस्था बनाए रखने में भी मदद मिलेगी।

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