मेले में पढ़ाई का अनोखा अंदाज! छात्रों ने परखी रिपोर्टिंग, स्थानीय कारोबार और खाद्य सुरक्षा
नरेंद्रनगर। किताबों में पढ़े गए सिद्धांतों को वास्तविक परिस्थितियों में समझने और व्यावहारिक अनुभव हासिल करने के उद्देश्य से धर्मानंद उनियाल राजकीय महाविद्यालय नरेंद्रनगर के विद्यार्थियों ने 50वें मां कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले का शैक्षणिक भ्रमण किया। इस दौरान पत्रकारिता एवं जनसंचार, अर्थशास्त्र और गृहविज्ञान विभाग के छात्र-छात्राओं ने अपने-अपने विषयों से जुड़ी गतिविधियों में भाग लेकर फील्ड स्तर पर जानकारी जुटाई।

महाविद्यालय के इस शैक्षणिक कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों ने मेले को सीखने की एक प्रयोगशाला के रूप में देखा। पत्रकारिता विभाग के विद्यार्थियों ने विभिन्न पंडालों का भ्रमण कर वहां प्रदर्शित उत्पादों, उपलब्ध सेवाओं, सामग्री और सरकारी योजनाओं की जानकारी हासिल की। साथ ही रिपोर्टिंग, फोटोग्राफी और लोगों से संवाद करने के व्यावहारिक पहलुओं को भी समझा।

पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग की प्रभारी डॉ. सृचना सचदेवा ने कहा कि पत्रकारिता में रिपोर्टिंग की महत्वपूर्ण भूमिका है। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य विद्यार्थियों को समाचार संकलन, फोटोग्राफी और संचार कौशल का अभ्यास कराना है, ताकि वे वास्तविक परिस्थितियों में बेहतर ढंग से कार्य करने के लिए तैयार हो सकें।
स्थानीय व्यापार पर मेले के प्रभाव का अध्ययन

अर्थशास्त्र विभाग के विद्यार्थियों ने मां कुंजापुरी मेले का नरेंद्रनगर के स्थानीय व्यापार और आर्थिक गतिविधियों पर पड़ने वाले प्रभाव को समझने के लिए फील्ड सर्वेक्षण किया। विद्यार्थियों ने मेले में संचालित विभिन्न गतिविधियों का अवलोकन कर आर्थिक सर्वेक्षण के लिए जरूरी जानकारियां एकत्र कीं।
विभाग प्रभारी डॉ. सुधा रानी ने बताया कि इस तरह के आयोजनों से विद्यार्थियों को स्थानीय अर्थव्यवस्था को करीब से समझने का अवसर मिलता है। मेले में होने वाली विभिन्न आर्थिक गतिविधियों का अध्ययन कर विद्यार्थी आंकड़े जुटाने और उनके महत्व को समझने का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करते हैं।
विश्व खाद्य दिवस पर स्वच्छता के प्रति किया जागरूक
वहीं, बीएससी गृहविज्ञान विभाग के विद्यार्थियों ने 16 अक्टूबर को विश्व खाद्य दिवस के अवसर पर मेले में लगे खाद्य स्टॉलों का निरीक्षण कर खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता से जुड़ी जानकारियां जुटाईं। विद्यार्थियों ने खाने-पीने की वस्तुओं की साफ-सफाई और भोजन तैयार करने से लेकर परोसने तक स्वच्छता के महत्व को समझा।
गृहविज्ञान विभाग की प्रभारी डॉ. सोनी तिलारा ने बताया कि विश्व खाद्य दिवस के अवसर पर आयोजित इस गतिविधि का उद्देश्य विद्यार्थियों को खाद्य स्वच्छता के प्रति जागरूक करना और उन्हें व्यवहारिक स्तर पर इसके महत्व से परिचित कराना है। उन्होंने भोजन तैयार करने और उसे परोसने की पूरी प्रक्रिया में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने पर जोर दिया।
शैक्षणिक भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने मेले में लगे विभिन्न स्टॉलों पर मंडुए के मोमो, चाट, पकौड़े समेत अन्य स्थानीय एवं लोकप्रिय व्यंजनों का भी स्वाद लिया। इस गतिविधि में डॉ. विक्रम सिंह बर्त्वाल, विशाल त्यागी, सोनिया, ऋषिता, रंजना, कल्पना, हिमानी, जय, निशा, निकिता, दिशा, राकेश, आयुषी गंगोटी, शालू, वंशिका सहित अन्य छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया।
इस शैक्षणिक पहल के माध्यम से विद्यार्थियों को अपने विषयों से संबंधित जानकारियों को वास्तविक परिस्थितियों से जोड़ने, सवाल पूछने और प्रत्यक्ष अनुभव के आधार पर सीखने का अवसर मिला।


