उत्तराखंड के स्कूलों में बढ़ेगा AI और रोबोटिक्स का दायरा, हर विकासखंड तक पहुंचेगी लैब ऑन व्हील्स
बागेश्वर: उत्तराखंड के सीमांत और पर्वतीय क्षेत्रों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक अनुसंधान से जोड़ने के लिए राज्य सरकार नई पहल करने जा रही है। स्कूलों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक्स और ड्रोन तकनीक को बढ़ावा देने के साथ विज्ञान प्रयोगशालाओं को भी आधुनिक स्वरूप दिया जाएगा। इसके तहत प्रदेश के प्रत्येक विकासखंड में लैब ऑन व्हील्स पहुंचाने और सभी जिलों में विज्ञान एवं नवाचार केंद्र स्थापित करने की योजना है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शोध और नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए एक करोड़ रुपये देने की घोषणा भी की।
बाल विज्ञान महोत्सव में जुटे छह जिलों के युवा वैज्ञानिक
शुक्रवार को बागेश्वर के मंडलसेरा स्थित विवेकानंद इंटर कॉलेज में उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (यूकास्ट) के तत्वावधान में पंचम सीमांत पर्वतीय जनपद बाल विज्ञान महोत्सव का शुभारंभ किया गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए विद्यार्थियों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने और नई तकनीकों के माध्यम से समस्याओं के समाधान खोजने के लिए प्रेरित किया।
इस महोत्सव में चमोली, चंपावत, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, उत्तरकाशी और पिथौरागढ़ के 240 चयनित बाल वैज्ञानिक हिस्सा ले रहे हैं। आयोजन का उद्देश्य पर्वतीय क्षेत्रों के विद्यार्थियों में विज्ञान के प्रति रुचि विकसित करना और उनकी प्रतिभा को आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराना है।
किताबी ज्ञान से आगे बढ़कर प्रयोग करने पर जोर
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से संवाद कर उनकी जिज्ञासाएं सुनीं और सवालों के जवाब दिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय विज्ञान, तकनीक और नवाचार का है। ऐसे में विद्यार्थियों को केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित रहने के बजाय प्रयोग करने, सवाल पूछने और नए विचारों को वास्तविक रूप देने की दिशा में प्रयास करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि बच्चों में वैज्ञानिक सोच विकसित करना जरूरी है, ताकि वे भविष्य की चुनौतियों को समझ सकें और तकनीक के क्षेत्र में नए समाधान तलाश सकें। आधुनिक तकनीकों से परिचित होने पर पर्वतीय क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी अपनी प्रतिभा निखारने और नए अवसरों तक पहुंचने का मौका मिलेगा।
विज्ञान शिक्षा को गांवों तक पहुंचाने की तैयारी
राज्य सरकार की प्रस्तावित पहल के तहत विज्ञान प्रयोगशालाओं को एआई तकनीक से जोड़ने के साथ प्रत्येक विकासखंड में लैब ऑन व्हील्स की सुविधा उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाएगा। इससे विद्यार्थियों को प्रयोगात्मक शिक्षा के अवसर मिल सकेंगे। इसके अलावा, प्रदेश के सभी जिलों में विज्ञान एवं नवाचार केंद्र स्थापित करने की योजना भी बनाई गई है।
मुख्यमंत्री की इस घोषणा से पर्वतीय क्षेत्रों में विज्ञान शिक्षा को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है। आधुनिक तकनीक, प्रयोगशालाओं और नवाचार केंद्रों के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी वैज्ञानिक प्रतिभा प्रदर्शित करने के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।


