देवभूमि में चारधाम यात्रा का काउंटडाउन शुरू, जानिए कब बंद होंगे मंदिरों के कपाट
देहरादून। हिमालय की ऊंची चोटियों पर स्थित उत्तराखंड के विश्वप्रसिद्ध चारधाम अब शीतकालीन प्रवास की ओर बढ़ रहे हैं। आस्था, परंपरा और श्रद्धा के प्रतीक इन धामों में दर्शन का सिलसिला नवंबर में थम जाएगा। कपाट बंद होने की तिथियां तय होने के साथ ही इस वर्ष की चारधाम यात्रा अपने अंतिम चरण में पहुंच गई है। बदरीनाथ धाम के कपाट सबसे अंत में 16 नवंबर को रात 9:37 बजे बंद किए जाएंगे।
धार्मिक परंपराओं के अनुसार, केदारनाथ धाम के कपाट भैयादूज के अवसर पर सुबह 8:30 बजे बंद होंगे। इसी दिन यमुनोत्री धाम के कपाट भी शीतकाल के लिए बंद किए जाएंगे। वहीं, गंगोत्री धाम में अन्नकूट पर्व पर 10 नवंबर को कपाट बंद होने के साथ ग्रीष्मकालीन यात्रा का समापन हो जाएगा।
चारधाम के साथ पंचकेदार के प्रमुख मंदिरों में भी कपाट बंद होने की तैयारियां हैं। तृतीय केदार तुंगनाथ धाम के कपाट 6 नवंबर को दोपहर 12:30 बजे बंद होंगे। द्वितीय केदार मध्यमहेश्वर धाम में 16 नवंबर को सुबह 8:30 बजे वृश्चिक लग्न में कपाट बंद किए जाएंगे।
कपाट बंद होने के बाद शीतकाल के दौरान श्रद्धालु संबंधित शीतकालीन गद्दी स्थलों पर दर्शन और पूजा-अर्चना कर सकेंगे। इस तरह हिमालय में स्थित प्रमुख धामों की नियमित यात्रा को विराम मिलेगा, जबकि देवभूमि की धार्मिक परंपराएं शीतकालीन प्रवास के दौरान भी जारी रहेंगी।


