नवरात्र में कुटू-सिंघाड़े के आटे की बढ़ी मांग, मिलावट पर खाद्य विभाग की नजर
देहरादून। नवरात्र शुरू होते ही व्रत में इस्तेमाल होने वाले खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ गई है। खासकर कुटू और सिंघाड़े के आटे की बिक्री में तेजी आई है। बढ़ती मांग के बीच खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) भी सतर्क हो गया है। विभाग ने मिलावट की आशंका वाले खाद्य पदार्थों की जांच और सैंपलिंग बढ़ा दी है।
अपर आयुक्त ताजबर सिंह जग्गी के निर्देश पर प्रदेश के विभिन्न जिलों में कुटू और सिंघाड़े के आटे के नमूने लिए जा रहे हैं। इसके साथ ही त्योहारों के दौरान अधिक खपत होने वाले दूध, खोया, पनीर, मिठाई, घी और खाद्य तेल की भी जांच की जा रही है। नमकीन और अन्य स्नैक्स को भी विभाग की निगरानी में रखा गया है।
संदिग्ध प्रतिष्ठानों पर विशेष नजर
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को नियमित दुकानों के साथ ऐसे बाजारों और प्रतिष्ठानों पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं, जहां मिलावटी या घटिया गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थों की बिक्री की आशंका अधिक रहती है। विभाग का फोकस केवल नमूने लेने तक सीमित नहीं है, बल्कि जांच में गड़बड़ी मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई करने पर भी रहेगा।
दीपावली तक बढ़ेगी खाद्य पदार्थों की खपत
नवरात्र के बाद दशहरा और फिर दीपावली का त्योहार आएगा। ऐसे में आने वाले दिनों में दूध, मावा, पनीर, मिठाई, घी और खाद्य तेल समेत कई उत्पादों की मांग और बढ़ने की संभावना है। त्योहारी सीजन में कारोबार बढ़ने के साथ मिलावट का खतरा भी बढ़ जाता है। ऐसे में खाद्य सुरक्षा विभाग के सामने बाजार में गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थों की उपलब्धता सुनिश्चित करना बड़ी जिम्मेदारी है।
व्रत के आटे की खरीदारी में बरतें सावधानी
कुटू और सिंघाड़े का आटा सीधे तौर पर व्रत रखने वाले लोगों के भोजन का हिस्सा बनता है। ऐसे में इसकी गुणवत्ता को लेकर अतिरिक्त सावधानी जरूरी है। उपभोक्ताओं को पैकेट बंद आटा खरीदते समय पैकिंग, निर्माण और एक्सपायरी तिथि के साथ लेबल की जानकारी भी देखनी चाहिए। वहीं खुले में बिकने वाले आटे की गुणवत्ता संदिग्ध लगे तो उसकी खरीद से बचना बेहतर है।


