नवरात्र में बदियाकोट के मां भगवती मंदिर में लगी आग, लकड़ी से बने प्राचीन मंदिर को भारी नुकसान
बागेश्वर। नवरात्र के पावन दिनों में कपकोट तहसील के दूरस्थ बदियाकोट गांव में स्थित मां भगवती मंदिर में आग लगने से क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। आग की चपेट में आने से मंदिर को भारी नुकसान पहुंचने की सूचना है। लकड़ी से निर्मित मंदिर में आग तेजी से फैलने के कारण इसके ढांचे को भी गंभीर क्षति पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। घटना के बाद क्षेत्र के श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में गहरा दुख है।
बदियाकोट स्थित मां भगवती मंदिर केवल पूजा-अर्चना का स्थल ही नहीं, बल्कि क्षेत्र की धार्मिक आस्था और पारंपरिक स्थापत्य कला का भी महत्वपूर्ण प्रतीक रहा है। लकड़ी पर की गई आकर्षक नक्काशी मंदिर की खास पहचान थी। नवरात्र के दौरान यहां श्रद्धालु मां भगवती के दर्शन और पूजा के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में पर्व के बीच मंदिर में आग लगने की घटना ने लोगों को व्यथित कर दिया है।
स्थानीय निवासी आन सिंह के अनुसार, मंदिर का अधिकांश हिस्सा लकड़ी से बना हुआ था। इसी वजह से आग तेजी से फैलने और संरचना को अधिक नुकसान पहुंचने की आशंका है। मंदिर में बिजली की व्यवस्था होने के साथ पूजा के दौरान दीपक भी जलाए जाते थे। ऐसे में शॉर्ट सर्किट या दीपक से आग लगने की आशंका व्यक्त की जा रही है, हालांकि आग लगने के वास्तविक कारणों की अभी पुष्टि नहीं हुई है।
दुर्गम क्षेत्र में राहत और नुकसान का आकलन चुनौतीपूर्ण
बदियाकोट गांव कपकोट से करीब 50 किलोमीटर दूर हिमालयी क्षेत्र में स्थित है। दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों और अग्निशमन सेवाओं की अनुपलब्धता के चलते ऐसे क्षेत्रों में आग की घटनाओं से निपटना चुनौतीपूर्ण हो जाता है। फिलहाल मंदिर को हुए नुकसान की वास्तविक स्थिति और आग लगने के कारणों का स्पष्ट आकलन जांच के बाद ही हो सकेगा।
नवरात्र के बीच मां भगवती के इस आस्था केंद्र को पहुंचे नुकसान से स्थानीय लोगों में मायूसी है। क्षेत्रवासियों के लिए यह घटना धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को हुए नुकसान के रूप में देखी जा रही है।


