उत्तराखंड में 2027 की तैयारी तेज, दूसरे राज्यों के अनुभवी चेहरों के सहारे जीत की रणनीति बनाएगी भाजपा
काशीपुर। उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर भाजपा ने अभी से अपनी चुनावी तैयारियों को धार देना शुरू कर दिया है। पार्टी इस बार दूसरे राज्यों में मिली चुनावी सफलताओं के अनुभव को उत्तराखंड में आजमाने की रणनीति पर काम कर रही है। इसके तहत हिमाचल, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान समेत अन्य राज्यों में संगठनात्मक कार्यों का अनुभव रखने वाले पदाधिकारियों को उत्तराखंड में विस्तारक की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पार्टी का लक्ष्य जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करते हुए चुनावी अभियान को मिशन मोड में आगे बढ़ाना है।
बूथ प्रबंधन से कार्यकर्ताओं की नाराजगी दूर करने तक जिम्मेदारी
भाजपा ने विस्तारकों के चयन में उन पदाधिकारियों को प्राथमिकता दी है, जिन्होंने पिछले डेढ़ से दो वर्षों के दौरान विभिन्न राज्यों के विधानसभा चुनावों और उपचुनावों में संगठन के लिए प्रभावी भूमिका निभाई है। इन अनुभवी चेहरों से बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने, संगठनात्मक कमियों को दूर करने और मतदाताओं तक पार्टी की पहुंच बढ़ाने की उम्मीद की जा रही है।
पार्टी की रणनीति केवल चुनाव के नजदीक प्रचार तेज करने तक सीमित नहीं है, बल्कि अभी से संगठन की जमीनी स्थिति मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। इसके लिए बूथ सशक्तीकरण, पन्ना प्रमुखों की सक्रियता और सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों से संपर्क जैसे मुद्दों को प्राथमिकता दी जाएगी।
राष्ट्रीय नेतृत्व ने दिया मिशन मोड में काम करने का संदेश
काशीपुर में आयोजित सम्मेलन के दौरान भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष ने विस्तारकों को चुनावी तैयारियों को गंभीरता से लेने और संगठन के प्रत्येक स्तर पर सक्रियता बढ़ाने का संदेश दिया। पार्टी नेतृत्व का जोर इस बात पर है कि चुनावी रणनीति केवल बैठकों और कार्यक्रमों तक सीमित न रहे, बल्कि उसका असर बूथ स्तर पर भी दिखाई दे।
भाजपा हरियाणा में लगातार तीसरी बार सरकार बनाने, दिल्ली में लंबे अंतराल के बाद सत्ता में वापसी करने और अन्य राज्यों में मिले चुनावी परिणामों से मिले अनुभवों को उत्तराखंड में लागू करने की तैयारी में है। इसके तहत स्थानीय राजनीतिक परिस्थितियों के अनुरूप संगठनात्मक गतिविधियों को गति दी जाएगी।
60 पार के लक्ष्य पर भाजपा की नजर
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने काशीपुर में हुए सम्मेलन को पार्टी के लिए शुभ संकेत बताते हुए वर्ष 2017 और 2022 के विधानसभा चुनावों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन दोनों चुनावों में काशीपुर से जीत की शुरुआत हुई थी। पार्टी इस बार भी इसी तरह के परिणाम की उम्मीद के साथ आगे बढ़ रही है।
भाजपा ने आगामी विधानसभा चुनाव में 60 से अधिक सीटें जीतने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए पार्टी संगठन, सरकार और अनुभवी विस्तारकों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने पर जोर दे रही है। हालांकि, चुनाव में सफलता के लिए स्थानीय मुद्दों, जनता की अपेक्षाओं और क्षेत्रवार राजनीतिक समीकरणों को साधना भी अहम रहेगा।
दूसरे राज्यों के अनुभव से उत्तराखंड में मजबूत होगी रणनीति
भाजपा का मानना है कि दूसरे राज्यों में चुनावी अभियान का अनुभव रखने वाले पदाधिकारी उत्तराखंड में संगठन को नई दिशा दे सकते हैं। बूथ स्तर पर मतदाताओं से लगातार संपर्क, कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी तय करना और लाभार्थियों तक पहुंच बनाना इस रणनीति के प्रमुख हिस्से होंगे।
विधानसभा चुनाव 2027 से पहले विस्तारकों की तैनाती को पार्टी की संगठनात्मक तैयारियों के महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है। अब यह देखना होगा कि दूसरे राज्यों में आजमाए गए चुनावी तरीके उत्तराखंड की स्थानीय परिस्थितियों में कितने प्रभावी साबित होते हैं और भाजपा अपने 60 पार के लक्ष्य को हासिल करने के लिए किस तरह आगे बढ़ती है।


