कुंभ निधि से चमकेंगे लक्ष्मणझूला-स्वर्गाश्रम के घाट, टूटे सीढ़ियों से जर्जर रेलिंग तक सब होगा दुरुस्त
ऋषिकेश। अगर आप लक्ष्मणझूला-स्वर्गाश्रम के गंगा घाटों पर जाते हैं, तो जल्द ही यहां की तस्वीर बदली नजर आएगी। लंबे समय से बदहाल पड़े एक दर्जन से अधिक घाटों का कुंभ मेला बजट से कायाकल्प किया जाएगा। घाटों पर मरम्मत से लेकर रोशनी, पेयजल और चेंजिंग रूम तक की सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
2013 की आपदा ने पहुंचाया था भारी नुकसान
जून 2013 की आपदा के बाद लक्ष्मणझूला और स्वर्गाश्रम क्षेत्र के कई गंगा घाटों की स्थिति खराब हो गई थी। घाटों पर जगह-जगह मलबा जमा हो गया था। समय के साथ कई घाटों की सीढ़ियां टूट गईं और रेलिंग भी जर्जर हो गईं। गंदगी और बदरंग दीवारों के कारण गंगा तट की खूबसूरती भी प्रभावित हो रही है।
यह स्थिति स्थानीय लोगों के साथ ही यहां पहुंचने वाले देश-विदेश के पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है।
रेड सैंडस्टोन से होगा घाटों का कायाकल्प
कुंभ मेला अधिकारियों के निरीक्षण के बाद घाटों के सुंदरीकरण और जीर्णोद्धार का प्रस्ताव तैयार किया गया। योजना के तहत घाटों पर 40 एमएम रेड सैंडस्टोन से मरम्मत कार्य कराया जाएगा। इसके साथ ही चेन पिलर और नई रेलिंग का निर्माण किया जाएगा।
घाटों पर श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधा के लिए बैठने की बेंच, लाइटिंग, पेयजल और चेंजिंग रूम जैसी व्यवस्थाएं भी की जाएंगी। स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर करने के साथ दीवारों पर आकर्षक रंग-रोगन भी कराया जाएगा।
टेंडर के बाद शुरू होगा काम
घाटों के विकास का काम सिंचाई विभाग दुगड्डा की ओर से कराया जाएगा। विभाग की ओर से टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद जल्द ही निर्माण कार्य शुरू करने की तैयारी है।
पर्यटन को भी मिलेगी नई रफ्तार
लक्ष्मणझूला-स्वर्गाश्रम ऋषिकेश के प्रमुख पर्यटन क्षेत्रों में शामिल है। यहां सालभर बड़ी संख्या में पर्यटक और श्रद्धालु पहुंचते हैं। घाटों के जीर्णोद्धार और सुविधाओं के विस्तार से न सिर्फ गंगा स्नान और दर्शन करने वालों को राहत मिलेगी, बल्कि क्षेत्र की खूबसूरती भी बढ़ेगी। इससे पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।


