राज्य स्थापना दिवस पर सजेगा रामलीला का मंच, 9 नवंबर से गढ़वाली रामलीला का आगाज
ऋषिकेश। उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर तीर्थनगरी में गढ़वाली संस्कृति और रामभक्ति का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। मां भद्रकाली गढ़वाली रामलीला समिति इस वर्ष चौदहबीघा नए पुल के समीप गढ़वाली रामलीला का आयोजन करने जा रही है। नौ नवंबर से शुरू होने वाले इस मंचन को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। रामलीला के आयोजन को भव्य रूप देने के लिए समिति ने विभिन्न व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी भी सदस्यों को सौंप दी है।
आइएसबीटी स्थित एक होटल में समिति अध्यक्ष प्रमोद पुंडीर की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में रामलीला की तैयारियों और आयोजन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई। बैठक में निर्णय लिया गया कि तीन नवंबर को विधिवत हनुमान ध्वज स्थापना के साथ आयोजन की तैयारियों को धार्मिक स्वरूप दिया जाएगा। इसके बाद नौ नवंबर से रामलीला मंचन का शुभारंभ होगा।
समिति इस आयोजन के माध्यम से गढ़वाली भाषा, लोकसंस्कृति और पारंपरिक रंगमंच को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दे रही है। समिति के सचिव राजेश रावत ने बताया कि इस बार रामलीला में स्थानीय कलाकारों को प्राथमिकता दी गई है। इसके साथ ही उत्तराखंड के जाने-माने कलाकार भी अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों को आकर्षित करेंगे।
रामलीला के सफल आयोजन के लिए समिति की ओर से अलग-अलग व्यवस्था समितियों का गठन किया गया है। आयोजन को लेकर सदस्यों में उत्साह है। राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर होने वाला यह सांस्कृतिक आयोजन क्षेत्रवासियों को अपनी लोकभाषा और परंपराओं से जोड़ने के साथ नई पीढ़ी तक गढ़वाली रंगमंच की विरासत पहुंचाने का माध्यम बनेगा।


