उत्तराखंड को मिला नया राज्यपाल, डा. ढाल सिंह बिसेन की ताजपोशी; दुष्यंत गौतम को सिक्किम की कमान
देहरादूनः उत्तराखंड को नया राज्यपाल मिल गया है। मध्य प्रदेश के बालाघाट से पूर्व सांसद डा. ढाल सिंह बिसेन को प्रदेश का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है। वहीं, उत्तराखंड भाजपा के पूर्व प्रदेश प्रभारी और वरिष्ठ नेता दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाया गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने सोमवार को छह राज्यों में राज्यपालों की नियुक्ति और फेरबदल से संबंधित अधिसूचना जारी की।
डा. ढाल सिंह बिसेन उत्तराखंड में लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) का स्थान लेंगे। गुरमीत सिंह ने प्रदेश के राज्यपाल के रूप में पांच वर्ष का कार्यकाल पूरा कर लिया है। अब डा. बिसेन के सामने संवैधानिक जिम्मेदारियों के साथ प्रदेश के प्रशासनिक और सामाजिक मुद्दों से जुड़े विभिन्न विषयों पर राज्यपाल की भूमिका निभाने की जिम्मेदारी होगी।
कृषि अर्थशास्त्र के जानकार हैं डा. बिसेन
मध्य प्रदेश की राजनीति में सक्रिय रहे डा. ढाल सिंह बिसेन भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद हैं। उनकी पहचान कृषि अर्थशास्त्र के जानकार के रूप में भी रही है। उनके उत्तराखंड का राज्यपाल नियुक्त होने के बाद अब प्रदेश में संवैधानिक नेतृत्व की जिम्मेदारी उन्हें सौंपी जाएगी।
दूसरी ओर, उत्तराखंड भाजपा के पूर्व प्रदेश प्रभारी दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किया गया है। उत्तराखंड में भाजपा संगठन के साथ काम कर चुके गौतम की नई नियुक्ति को भी राष्ट्रपति की ओर से घोषित राज्यपालों के फेरबदल का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।
छह राज्यों में राज्यपालों की नियुक्ति
राष्ट्रपति की ओर से जारी अधिसूचना के तहत अन्य राज्यों में भी नए राज्यपालों की नियुक्ति की गई है। झारखंड के वरिष्ठ भाजपा नेता ब्रज मोहन राम को ओडिशा का राज्यपाल बनाया गया है। वहीं, हरियाणा के महेंद्रगढ़ से पूर्व सांसद और राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की पूर्व सदस्य डा. सुधा यादव को कर्नाटक का राज्यपाल नियुक्त किया गया है।
इसके अलावा, केरल के राज्यपाल रहे राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर को तमिलनाडु भेजा गया है। वह मार्च से ही तमिलनाडु के राज्यपाल का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे थे। इससे पहले तमिलनाडु के तत्कालीन राज्यपाल आरएन रवि को पश्चिम बंगाल का राज्यपाल नियुक्त किया गया था।
सामाजिक प्रतिनिधित्व भी चर्चा में
राज्यपालों की नई नियुक्तियों में सामाजिक प्रतिनिधित्व का पहलू भी सामने आया है। जारी जानकारी के अनुसार, नियुक्त किए गए लोगों में तीन अनुसूचित जाति (एससी) और दो अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) समुदाय से हैं। इन नियुक्तियों के साथ विभिन्न राज्यों में राजभवन की जिम्मेदारियों में बदलाव किया गया है। उत्तराखंड में डा. ढाल सिंह बिसेन की नियुक्ति इस फेरबदल का प्रमुख हिस्सा है।


