एम्स ऋषिकेश में पदोन्नति में आरक्षण की मांग, कर्मचारियों ने दिया सांकेतिक धरना
ऋषिकेशः अखिल अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कर्मचारी कल्याण संघ ने एम्स ऋषिकेश में पदोन्नति में आरक्षण के नियमों का पालन करने की मांग उठाई है। इसको लेकर संघ के सदस्यों ने संस्थान परिसर में सांकेतिक धरना देकर प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने वरिष्ठ नर्सिंग अधिकारियों को सहायक नर्सिंग अधीक्षक के पद पर पदोन्नति देने की प्रक्रिया में आरक्षण के प्रावधानों और लागू रोस्टर का अनुपालन सुनिश्चित करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान सदस्यों ने राष्ट्रगान कर समानता, न्याय और संवैधानिक अधिकारों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई।
संघ के सदस्यों का कहना है कि पदोन्नति में आरक्षण और रोस्टर से जुड़ा मामला फिलहाल केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण के समक्ष लंबित है। इस संबंध में राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से भी सिफारिशें और निर्देश जारी किए जा चुके हैं।
डीपीसी के आदेश पर जताई चिंता
प्रदर्शनकारियों ने हाल ही में पारित विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) के आदेश पर चिंता जताते हुए कहा कि पदोन्नति प्रक्रिया में लागू आरक्षण नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उनका मानना है कि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के कर्मचारियों को संविधान के तहत प्राप्त संरक्षण और अधिकारों का सम्मान किया जाना आवश्यक है।
संघ ने संबंधित अधिकारियों से मामले पर गंभीरता से विचार करने और पदोन्नति प्रक्रिया में निर्धारित आरक्षण नियमों एवं रोस्टर का अनुपालन सुनिश्चित करने की मांग की। कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि उनकी मांग पदोन्नति प्रक्रिया में समानता और नियमानुसार अधिकारों के संरक्षण से जुड़ी है।
ये कर्मचारी रहे मौजूद
सांकेतिक धरने में बीरबल सिंह मीना, डॉ. मुकेश चंद बैरवा, प्रकाश चंद मीना, डॉ. प्रदीप कुमार मीना, जगदीश, लोकेंद्र सिंह मीना और महिपाल चौहान सहित अन्य सदस्य शामिल रहे।


