उत्तराखंड पुलिस की बदलेगी पहचान, वर्दी से ध्वज तक दिखेगा नया स्वरूप
देहरादून। उत्तराखंड पुलिस अपनी पहचान को नया स्वरूप देने की तैयारी में है। पुलिसकर्मियों की वर्दी पर नजर आने वाले प्रतीक चिह्नों से लेकर टोपी और पुलिस ध्वज तक में बदलाव की योजना बनाई जा रही है। इस पहल के तहत वर्दी पर लगने वाला इनसिग्निया बदला जाएगा, जबकि टोपी पर लगे फॉर्मेशन साइन में भी बदलाव होगा। इसके अलावा पुलिसकर्मियों की छाती पर उत्तर प्रदेश पुलिस की तर्ज पर बैज लगाने की तैयारी है।
पुलिस की पहचान में होने वाले इन बदलावों के बाद जवानों की वर्दी पहले से अलग नजर आ सकती है। वर्दी पर लगे प्रतीक चिह्न और बैज न केवल पुलिसकर्मी के पद को दर्शाते हैं, बल्कि विभाग की अलग पहचान भी स्थापित करते हैं। ऐसे में इन बदलावों को पुलिस की आधिकारिक पहचान को नया स्वरूप देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
राष्ट्रपति पुलिस कलर से बढ़ेगी विभाग की पहचान
उत्तराखंड पुलिस के लिए इस बार राज्य स्थापना दिवस का आयोजन खास होने जा रहा है। पुलिस विभाग को राष्ट्रपति पुलिस कलर (निशान) मिला है, जिसे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह देहरादून में आयोजित मुख्य समारोह के दौरान औपचारिक रूप से प्रदान करेंगे। यह सम्मान पुलिस विभाग के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।
राष्ट्रपति पुलिस कलर मिलने के बाद पुलिस ध्वज में भी बदलाव किए जाने की तैयारी है। ऐसे में स्थापना दिवस के आसपास होने वाले कार्यक्रमों के साथ पुलिस की वर्दी और विभागीय प्रतीकों में प्रस्तावित बदलाव भी चर्चा में हैं।
6 नवंबर को होगा पुलिस विभाग का कार्यक्रम
राज्य स्थापना दिवस आठ नवंबर को है, जो इस बार दीपावली के दूसरे दिन पड़ रहा है। हालांकि, पुलिस विभाग की ओर से स्थापना दिवस से संबंधित कार्यक्रम छह नवंबर को आयोजित किया जा रहा है। देहरादून में होने वाले मुख्य समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में उत्तराखंड पुलिस को राष्ट्रपति पुलिस कलर प्रदान किया जाएगा।
वर्दी, बैज, टोपी के प्रतीक चिह्न और ध्वज में प्रस्तावित बदलावों के जरिए उत्तराखंड पुलिस की पहचान को एक नया स्वरूप देने की तैयारी है। इन बदलावों के लागू होने के बाद पुलिसकर्मी नई विभागीय पहचान के साथ नजर आ सकते हैं।


