उत्तराखंड में मौसम का यू-टर्न, कहीं बर्फबारी तो कहीं बारिश; पांच जिलों में ऑरेंज अलर्ट

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देहरादून। उत्तराखंड में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। अर्णब के प्रभाव से प्रदेश में पिछले दो दिनों से बारिश और बर्फबारी का सिलसिला जारी है। मौसम में आए इस बदलाव ने पहाड़ से लेकर मैदान तक ठंड बढ़ा दी है। तापमान में गिरावट के चलते लोगों को एक बार फिर गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ रहा है। वहीं, ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी से पहाड़ियां सफेद चादर से ढक गई हैं।

केदारनाथ धाम में लगातार हो रही बर्फबारी के कारण पूरा क्षेत्र बर्फ से ढक गया है। खराब मौसम को देखते हुए फिलहाल हेली सेवाएं भी बंद हैं। दूसरी ओर, बागेश्वर में हल्की बूंदाबांदी हो रही है, जबकि नैनीताल में आसमान बादलों से घिरा हुआ है। मौसम विभाग ने दोनों जिलों समेत कई अन्य क्षेत्रों के लिए चेतावनी जारी की है।

पिथौरागढ़ में रात के दौरान बारिश हुई, जबकि सुबह आसमान में बादल छाए रहे। अल्मोड़ा में तड़के हल्की बारिश के बाद मौसम ठंडा हो गया। रानीखेत और आसपास के क्षेत्रों में घने बादलों का डेरा है। चंपावत में रिमझिम बारिश के चलते ठंड बढ़ गई है, वहीं जिला मुख्यालय में आसमान बादलों से ढका हुआ है। ऊधमसिंह नगर के रुद्रपुर में भी बादल छाए रहे।

देहरादून में आठ डिग्री तक गिरा तापमान

राजधानी देहरादून में गुरुवार सुबह से ही बारिश का दौर जारी रहा। इसके चलते तापमान में करीब आठ डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। मौसम का असर ऐसा रहा कि शाम करीब चार बजे ही अंधेरा छाने लगा। अचानक बढ़ी ठंड के कारण लोग स्वेटर और गर्म कपड़ों में नजर आए।

पांच जिलों में ऑरेंज अलर्ट, सतर्क रहने की सलाह

मौसम विभाग ने शुक्रवार को नैनीताल, चंपावत, पिथौरागढ़, बागेश्वर और चमोली जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में मौसम खराब रहने की आशंका के चलते लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

चारधाम यात्रियों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन अलर्ट

मौसम में आए बदलाव के बीच शासन ने चारधाम यात्रा पर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। सचिव विनोद कुमार सुमन ने यात्रा मार्गों पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देने को कहा है। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि खराब मौसम या किसी भी तरह के संभावित खतरे की स्थिति में यात्रियों को आगे बढ़ाने के बजाय सुरक्षित स्थानों पर रोका जाए।

प्रदेश में लगातार बदल रहे मौसम के बीच प्रशासन की नजर पहाड़ी क्षेत्रों और चारधाम यात्रा मार्गों पर बनी हुई है।

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