ऋषिकेश में ABVP का आमरण अनशन, विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ छात्रों का मोर्चा

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ऋषिकेश : अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ऋषिकेश इकाई द्वारा विश्वविद्यालय में लंबे समय से चली आ रही विभिन्न छात्र समस्याओं को लेकर आमरण अनशन शुरू किया गया। विश्वविद्यालय प्रशासन की उदासीनता के विरोध में किए गए इस आंदोलन में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं की भागीदारी देखने को मिली।इस अवसर पर छात्रसंघ अध्यक्ष एवं प्रांत राज्य विश्वविद्यालय कार्य सह-संयोजक मयंक भट्ट ने कहा कि पिछले तीन माह से लगातार विश्वविद्यालय प्रशासन को लिखित एवं मौखिक रूप से समस्याओं से अवगत कराया जा रहा था, लेकिन प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि बार-बार ज्ञापन देने के बावजूद जब समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो छात्रों को आमरण अनशन जैसे कठोर कदम के लिए मजबूर होना पड़ा।

छात्रसंघ विश्वविद्यालय प्रतिनिधि रोहित राम ने बताया कि जब तक छात्रहितों से जुड़ी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक यह आमरण अनशन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि यदि इस दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न होती है, तो उसकी संपूर्ण जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी।

अभाविप के जिला सह-संयोजक अक्षत बिजल्वाण ने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद सदैव छात्र-छात्राओं के अधिकारों और हितों के लिए संघर्ष करती रही है। यह आंदोलन भी उसी संघर्ष का हिस्सा है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि जब तक सभी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक अभाविप इस लड़ाई को पूरी ताकत के साथ आगे बढ़ाती रहेगी।

आमरण अनशन के दौरान प्रांत कार्यकारिणी सदस्य सक्षम चौहान, आयुष भंडारी, आर्यन पाल, योगेश, अनिल यादव सहित अनेक छात्र कार्यकर्ता मौजूद रहे और उन्होंने आंदोलन को अपना समर्थन दिया। छात्र संगठनों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से जल्द से जल्द वार्ता कर समस्याओं का समाधान निकालने की मांग की है, ताकि आंदोलन को समाप्त किया जा सके।

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