हल्द्वानी में 72 करोड़ का AI ट्रैफिक सिस्टम वित्तीय मंजूरी के इंतजार में

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हल्द्वानी : कुमाऊं की सबसे व्यस्त और तेजी से विकसित हो रही नगरी हल्द्वानी में ट्रैफिक व्यवस्था को स्मार्ट और सुचारु बनाने के लिए प्रस्तावित 72 करोड़ रुपये के एआई आधारित इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) को अभी तक वित्तीय स्वीकृति नहीं मिल पाई है। तकनीकी बिड प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद फंड जारी न होने से परियोजना अधर में लटकी हुई है, जबकि शहर की सड़कों पर रोजाना लंबा जाम आम लोगों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बना हुआ है।

जानकारी के अनुसार, इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत शहर के प्रमुख चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर कुल 225 अत्याधुनिक CCTV कैमरे लगाए जाने हैं। इनमें रेड लाइट वायलेशन डिटेक्शन (RLVD) कैमरे और ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरे शामिल होंगे। ये कैमरे कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) तकनीक से लैस होंगे, जो यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों की पहचान स्वतः कर सकेंगे। प्रस्तावित ITMS के लागू होने से रेड लाइट तोड़ने, ओवरस्पीडिंग, बिना हेलमेट या सीट बेल्ट वाहन चलाने जैसे मामलों में स्वतः ई-चालान जारी किए जा सकेंगे। इससे न केवल ट्रैफिक नियमों के पालन में सुधार होगा, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी आने की उम्मीद है। साथ ही, पूरे शहर की ट्रैफिक गतिविधियों की निगरानी एक केंद्रीकृत कंट्रोल रूम से की जाएगी, जिससे जाम की स्थिति बनने पर तुरंत वैकल्पिक व्यवस्थाएं की जा सकेंगी।

वर्तमान में हल्द्वानी के कालाढूंगी रोड, नैनीताल रोड, मंगल पड़ाव, ठंडी सड़क और तीनपानी जैसे प्रमुख क्षेत्रों में पीक आवर्स के दौरान लंबा जाम लगना आम बात हो गई है। स्कूल, अस्पताल और बाजार क्षेत्रों के आसपास यातायात का दबाव अधिक होने से लोगों को घंटों जाम में फंसना पड़ता है। स्थानीय व्यापारियों, छात्रों और नौकरीपेशा लोगों को प्रतिदिन देरी और असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, परियोजना की तकनीकी बिड पहले ही पास हो चुकी है और चयनित एजेंसी भी तय कर ली गई है। अब केवल वित्तीय स्वीकृति और बजट जारी होने का इंतजार है। अधिकारियों का कहना है कि जैसे ही शासन स्तर से धनराशि स्वीकृत होगी, कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा।विशेषज्ञों का मानना है कि एआई आधारित ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम हल्द्वानी जैसे तेजी से बढ़ते शहर के लिए अत्यंत आवश्यक है। बढ़ती वाहन संख्या और सीमित सड़क ढांचे के बीच तकनीकी समाधान ही ट्रैफिक दबाव को नियंत्रित करने में कारगर साबित हो सकते हैं।

स्थानीय नागरिकों ने भी शासन से जल्द से जल्द वित्तीय मंजूरी देने की मांग की है, ताकि स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम लागू होकर शहर को जाम से राहत मिल सके। अब देखना यह है कि 72 करोड़ की इस महत्वाकांक्षी योजना को कब हरी झंडी मिलती है और हल्द्वानी को कब स्मार्ट ट्रैफिक प्रबंधन की सौगात मिल पाती हैं।

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