श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल, रायवाला में ऑटिज्म के प्रति किया गया जागरूक

खबर शेयर करें -

रायवाला (ऋषिकेश): Sri Sathya Sai Sanjeevani Hospital में विश्व ऑटिज्म जागरूकता दिवस के अवसर पर एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। हॉस्पिटल के द्वारा इस वर्ष दिवस की थीम “Autism Acceptance and Inclusion” (ऑटिज्म को स्वीकारना और समावेशन बढ़ाना) के साथ-साथ “ऑटिज्म और मानवता—हर जीवन की वैल्यू है” संदेश पर विशेष जोर दिया गया।

कार्यक्रम में अस्पताल की मुख्य चिकित्सक Dr. Pranati Das ने कहा कि Autism Spectrum Disorder कोई बीमारी नहीं, बल्कि बच्चों के मस्तिष्क के विकास से जुड़ी एक विशेष स्थिति है। उन्होंने बताया कि ऐसे बच्चों को समझने, अपनाने और समय पर सही मार्गदर्शन देने की आवश्यकता होती है, ताकि वे भी समाज में अपनी पहचान बना सकें।

इस अवसर पर Dr. Rajni ने बताया कि यदि किसी बच्चे में ऑटिज्म का निदान होता है तो घबराने की आवश्यकता नहीं है। सही समय पर स्पीच थेरेपी, बिहेवियर थेरेपी और विशेष शिक्षा के माध्यम से बच्चे के विकास में काफी सुधार किया जा सकता है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए Neelam Rajwade ने कहा कि समाज में ऑटिज्म के प्रति जागरूकता बढ़ाना बेहद जरूरी है, ताकि ऐसे बच्चों को सही माहौल और सहयोग मिल सके। उन्होंने अभिभावकों से सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने और बच्चों को प्रोत्साहित करने की अपील की।

कार्यक्रम के दौरान अभिभावकों के साथ संवाद सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें उनकी शंकाओं का समाधान किया गया और बच्चों के बेहतर विकास के लिए आवश्यक सुझाव दिए गए।अंत में सभी उपस्थित लोगों को ऑटिज्म के प्रति जागरूक रहने और समाज में ऐसे बच्चों के प्रति संवेदनशीलता व सहयोग की भावना विकसित करने का संदेश दिया गया। ऑटिज्म को समझना, स्वीकारना और ऐसे बच्चों के प्रति प्रेम व सहयोग का भाव रखना ही सच्ची मानवता है क्योंकि हर जीवन की अपनी एक अलग और महत्वपूर्ण वैल्यू होती है।

इस अवसर पर डॉ सुरभि, डॉ अलका, ऋतु थपलियाल, पूजा, चित्रवीर क्षेत्री एवं महिलाएं शामिल रहे।

Ad