विश्व कैंसर दिवस पर एम्स ऋषिकेश में जागरूकता कार्यक्रम
ऋषिकेश: विश्व कैंसर दिवस के अवसर पर एम्स ऋषिकेश में जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस दौरान विशेषज्ञों ने कहा कि कैंसर के लक्षणों के प्रति सजग रहकर और समय-समय पर नियमित जांच करवाकर इस घातक बीमारी से बचाव संभव है। कार्यक्रम में कैंसर को मात देकर स्वस्थ जीवन जी रहे कैंसर योद्धाओं ने अपनी प्रेरक कहानियां साझा करते हुए व्यक्तिगत देखभाल और समय पर इलाज के महत्व पर जोर दिया।
कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एम्स ऋषिकेश में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए संस्थान की कार्यकारी निदेशक प्रो. मीनू सिंह ने कैंसर को एक घातक बीमारी बताया और कहा कि यदि समय पर जांच कर सही उपचार शुरू कर दिया जाए तो रोगी की जान बचाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि कैंसर से बचाव के लिए स्वस्थ जीवनशैली अपनाना बेहद जरूरी है।
प्रो. मीनू सिंह ने कैंसर से बचाव के उपाय बताते हुए कहा कि तंबाकू का सेवन न करना, संतुलित और पौष्टिक आहार लेना, नियमित स्वास्थ्य जांच करवाना, आवश्यक टीकाकरण कराना और रोजाना योग या व्यायाम के जरिए शरीर को फिट रखना कैंसर से बचाव में अहम भूमिका निभाता है।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गायनी विभाग की हेड प्रो. जया चतुर्वेदी ने कहा कि अचानक वजन कम होना, लंबे समय तक थकान महसूस होना या शरीर के किसी हिस्से में गांठ का बनना जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि शुरुआती लक्षणों को पहचानकर समय पर जांच कराने से कैंसर से बचाव संभव है।
इस अवसर पर कैंसर योद्धाओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि शुरुआती जांच और सही समय पर इलाज ने उनके जीवन को नई दिशा दी। उन्होंने कहा कि कैंसर जैसी बीमारी में चिकित्सकीय उपचार के साथ-साथ सकारात्मक सोच और व्यक्तिगत देखभाल भी बेहद जरूरी होती है।
कार्यक्रम में चिकित्सा अधीक्षक प्रो. बी. सत्या श्री, मेडिकल ऑन्कोलॉजी एवं हेमेटोलॉजी विभाग के हेड प्रो. उत्तम नाथ, डॉ. अमित सहरावत, डॉ. दीपक सुन्दरियाल सहित कई विशेषज्ञों ने भी अपने विचार रखे। इस दौरान रेडिएशन ऑन्कोलॉजी विभाग की डॉ. स्वीटी गुप्ता और डॉ. दीपा एम. जोसफ, बाल रोग विभागाध्यक्ष प्रो. नवनीत भट्ट, डॉ. मोहित धींगढ़ा, डॉ. दलजीत कौर समेत विभिन्न विभागों के फैकल्टी सदस्य और रेजिडेंट्स मौजूद रहे।
उधर, गायनेकोलॉजी विभाग द्वारा ओपीडी क्षेत्र में महिलाओं में होने वाले सर्वाइकल कैंसर पर विशेष जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टाफ ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से लोगों को सर्वाइकल कैंसर के जोखिम कारकों, कारणों, लक्षणों और उपलब्ध इलाज विकल्पों की जानकारी दी। इस कार्यक्रम में भी संस्थान की कार्यकारी निदेशक प्रो. मीनू सिंह, चिकित्सा अधीक्षक प्रो. बी. सत्या श्री, गायनी विभागाध्यक्ष प्रो. जया चतुर्वेदी, सीएनओ डॉ. अनीता रानी कंसल सहित कई चिकित्सक और स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान एम्स ऋषिकेश की कार्यकारी निदेशक प्रो. मीनू सिंह ने कैंसर को हराकर स्वस्थ जीवन जी रहे 15 बच्चों को सम्मानित किया। इन बच्चों की उम्र 4 वर्ष से 17 वर्ष के बीच है। सभी बच्चों का इलाज एम्स ऋषिकेश में ही हुआ और समय पर उपचार मिलने से अब वे पूरी तरह स्वस्थ जीवन जी रहे हैं। सम्मान समारोह के दौरान बच्चों ने इलाज से पहले और इलाज के बाद के अपने अनुभव साझा किए, जिससे उपस्थित लोगों को नई उम्मीद और प्रेरणा देती है।
