भनकुंड पहुंची बाबा तुंगनाथ की डोली, आज मक्कूमठ में होगी विराजमान
रुद्रप्रयाग। विश्व प्रसिद्ध तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली शीतकालीन प्रवास के लिए अपने शीतकालीन गद्दीस्थल की ओर बढ़ रही है। शनिवार को डोली अपनी यात्रा के अंतिम रात्रि पड़ाव भनकुंड पहुंच गई। रविवार को धार्मिक परंपराओं और विधि-विधान के साथ डोली को मक्कूमठ स्थित शीतकालीन गद्दीस्थल में विराजमान कराया जाएगा। इसके साथ ही अगले छह माह तक श्रद्धालु मक्कूमठ में ही बाबा तुंगनाथ के दर्शन और पूजा-अर्चना कर सकेंगे।
डोली के शीतकालीन प्रवास को लेकर शनिवार को तुंगनाथ यात्रा के आधार शिविर चोपता में सुबह से ही धार्मिक गतिविधियां शुरू हो गई थीं। ब्रह्म मुहूर्त में विद्वान आचार्यों ने पंचांग पूजन सहित विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए। इस दौरान भगवान तुंगनाथ और तैंतीस कोटि देवी-देवताओं का आह्वान किया गया। धार्मिक अनुष्ठानों के बाद सुबह आठ बजे चल विग्रह उत्सव डोली ने भनकुंड के लिए प्रस्थान किया।
यात्रा के दौरान विभिन्न पड़ावों पर श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ डोली का स्वागत किया। दुगलविट्टा पहुंचने पर भक्तों ने बाबा के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। वहीं मक्कूबैंड, हुण्डू और बनतोली में स्थानीय ग्रामीणों एवं श्रद्धालुओं ने लाल-पीले वस्त्र अर्पित कर अपनी श्रद्धा प्रकट की और मनौतियां मांगी।
मक्कूमठ में डोली के विराजमान होने के साथ ही भगवान तुंगनाथ की शीतकालीन पूजा परंपरा शुरू हो जाएगी। अब आगामी छह महीनों तक भक्तों को बाबा के दर्शन के लिए ऊंचाई पर स्थित धाम जाने के बजाय मक्कूमठ पहुंचने का अवसर मिलेगा।


