50वीं वर्षगांठ पर पांच दिवसीय गढ़ कौथिग का होगा आयोजन, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से सजेगी शाम
देहरादून। गढ़वाल की लोकसंस्कृति, परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को मंच देने के उद्देश्य से गढ़वाल भ्रातृ मंडल संस्था अपनी स्थापना की 50वीं वर्षगांठ के अवसर पर पांच दिवसीय गढ़ कौथिग मेले का आयोजन करने जा रही है। 11 से 15 नवंबर तक आयोजित होने वाले इस मेले में विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ गढ़वाली लोककला और परंपराओं की झलक देखने को मिलेगी।
मेले का आयोजन क्लेमेंटटाउन स्थित पिपलेश्वर महादेव मंदिर परिसर में किया जाएगा। कार्यक्रम का शुभारंभ 11 नवंबर को धर्मपुर विधायक विनोद चमोली करेंगे। पांच दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में कलाकार अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को जीवंत करेंगे।
शनिवार को प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में संस्था के अध्यक्ष सूबेदार मेजर बादर सिंह रावत (सेनि.) ने कार्यक्रम की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि संस्था की 50वीं वर्षगांठ को यादगार बनाने के लिए इस बार गढ़ कौथिग को विशेष रूप से आयोजित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि इस आयोजन के माध्यम से लोकसंस्कृति और पारंपरिक विरासत को बढ़ावा देने के साथ ही नई पीढ़ी को अपनी जड़ों और सांस्कृतिक पहचान से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। पांच दिवसीय मेले को लेकर संस्था की ओर से तैयारियां की जा रही हैं।


