बदरीनाथ हाईवे की बदलेगी सूरत, 18 करोड़ से होगा कायाकल्प; एक माह में शुरू होगा निर्माण

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ऋषिकेश। चारधाम यात्रा के प्रमुख मार्ग बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर सफर करने वाले लोगों के लिए राहत भरी खबर है। लंबे समय से गड्ढों और उखड़ी सड़क की समस्या से जूझ रहे चंद्रभागा पुल से ब्रह्मपुरी तक के करीब साढ़े छह किलोमीटर हिस्से का जल्द कायाकल्प होने जा रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग खंड, लोक निर्माण विभाग श्रीनगर को सड़क के पुनर्निर्माण के लिए शासन से करीब 18 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति मिल गई है। विभाग ने टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है और अगले एक माह के भीतर निर्माण कार्य शुरू करने का लक्ष्य रखा है।

चंद्रभागा से ब्रह्मपुरी तक सुधरेगी सड़क की हालत

चंद्रभागा पुल से लक्ष्मणझूला, तपोवन और ब्रह्मपुरी तक जाने वाला यह मार्ग केवल स्थानीय आवागमन का जरिया नहीं, बल्कि चारधाम यात्रा की दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण है। इसी सड़क से होकर टिहरी, श्रीनगर, रुद्रप्रयाग और बदरीनाथ की ओर जाने वाले यात्रियों के साथ बड़ी संख्या में पर्यटक और स्थानीय लोग आवाजाही करते हैं। योगनगरी ऋषिकेश और आसपास के पर्यटन क्षेत्रों की गतिविधियां भी काफी हद तक इसी मार्ग पर निर्भर हैं।

बरसात के बाद सड़क की हालत काफी खराब हो गई है। चंद्रभागा पुल, भैरव मंदिर, पुरानी चुंगी, कैलाश गेट, खारास्रोत और तपोवन समेत कई स्थानों पर सड़क उखड़ने से बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। इससे वाहन चालकों को परेशानी उठानी पड़ रही है। वहीं, पर्यटकों और स्थानीय निवासियों के लिए भी सफर जोखिम भरा और असुविधाजनक हो गया है।

बाजार क्षेत्रों में बनेगी सीसी सड़क

सड़क की मौजूदा स्थिति और जलभराव की समस्या को ध्यान में रखते हुए विभाग ने पुनर्निर्माण के लिए अलग-अलग तकनीक अपनाने की योजना बनाई है। चंद्रभागा, मुनिकीरेती बाजार, कैलाश गेट और तपोवन बाजार जैसे व्यस्त एवं आबादी वाले क्षेत्रों में करीब तीन किलोमीटर हिस्से में सीमेंट कंक्रीट (सीसी) सड़क बनाई जाएगी। इन इलाकों में पानी जमा होने के कारण डामर की सड़क बार-बार क्षतिग्रस्त हो जाती है। ऐसे में सीसी सड़क से सड़क की मजबूती और टिकाऊपन बढ़ने की उम्मीद है।

वहीं, शेष करीब साढ़े तीन किलोमीटर हिस्से में बिटुमिनस तकनीक के तहत डामर की मजबूत परत बिछाई जाएगी। इसके अलावा सड़क के दोनों ओर पक्की नालियों का निर्माण और क्षतिग्रस्त फुटपाथों की मरम्मत भी प्रस्तावित है। इससे जलनिकासी व्यवस्था बेहतर होने के साथ पैदल चलने वाले लोगों को भी राहत मिलने की उम्मीद है।

व्यापारियों और वाहन चालकों को मिलेगी राहत

राजमार्ग की बदहाली का असर स्थानीय कारोबार पर भी पड़ रहा है। होटल और पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों के साथ व्यापारियों तथा टैक्सी चालकों का कहना है कि खराब सड़क के कारण पर्यटकों को असुविधा होती है। वहीं, गड्ढों के चलते वाहनों की मरम्मत और रखरखाव पर अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है।

स्थानीय व्यापारी एवं टैक्सी चालक अनुसूया प्रसाद पांडेय, जीतपाल सिंह, विनोद भंडारी और विरेंद्र गुसाईं ने उम्मीद जताई कि सड़क का पुनर्निर्माण होने से आवागमन सुगम होगा और पर्यटन गतिविधियों को भी लाभ मिलेगा।

करीब 18 करोड़ रुपये की इस परियोजना से सड़क की स्थिति में सुधार होने की उम्मीद है। अब स्थानीय लोगों और व्यापारियों की नजरें निर्माण कार्य शुरू होने और इसे समय पर पूरा किए जाने पर टिकी हैं।

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