चारधाम रूट पर रफ्तार की होगी निगरानी, 1125 किमी हिस्से में स्पीड लिमिट की तैयारी
देहरादून। चारधाम यात्रा मार्ग पर सुरक्षित सफर को लेकर परिवहन विभाग अब वाहनों की रफ्तार नियंत्रित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। यात्रा मार्ग के बड़े हिस्से में वाहनों की अधिकतम गति निर्धारित करने की तैयारी है। विभाग ने दूसरे चरण के लिए करीब 1,125 किलोमीटर सड़क मार्ग को चिह्नित किया है, जहां जल्द ही गति सीमा तय की जाएगी।
दरअसल, प्रदेश में यात्रा और पर्यटन गतिविधियों के बढ़ने के साथ पहाड़ी सड़कों पर वाहनों की आवाजाही भी लगातार बढ़ रही है। सड़कें बेहतर होने के बाद कई स्थानों पर वाहन निर्धारित सुरक्षित गति से अधिक रफ्तार में दौड़ते हैं। पहाड़ों की भौगोलिक परिस्थितियों में यही तेज गति दुर्घटना का खतरा बढ़ा देती है।
212 किमी रूट पर पहले ही लागू हो चुकी व्यवस्था
परिवहन विभाग ने इस दिशा में पहले चरण में देहरादून और पौड़ी जिले के मार्गों के अलावा देहरादून से कर्णप्रयाग तक करीब 212 किलोमीटर हिस्से पर गति सीमा निर्धारित की थी। विभाग के मुताबिक इस व्यवस्था का सकारात्मक असर सामने आया है और संबंधित मार्ग पर सड़क दुर्घटनाओं में कमी दर्ज की गई है।
पहले चरण के अनुभव के बाद अब विभाग ने इस व्यवस्था को यात्रा मार्ग के अन्य हिस्सों तक विस्तार देने की तैयारी की है।
मोड़ और ढलान देखकर तय होगी रफ्तार
नई गति सीमा तय करते समय पूरे मार्ग के लिए एक समान मानक लागू नहीं किया जाएगा। सड़क की चौड़ाई और स्थिति के साथ-साथ तीखे मोड़, ढलान, आबादी वाले क्षेत्र और दुर्घटना संभावित स्थानों का भी आकलन किया जाएगा। संवेदनशील हिस्सों में परिस्थितियों के अनुरूप कम गति सीमा रखी जा सकती है।
इसका मकसद वाहन चालकों को सुरक्षित गति में चलने के लिए बाध्य करना और दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में जोखिम कम करना है।
जल्द शुरू होगी दूसरे चरण की प्रक्रिया
अपर आयुक्त परिवहन एसके सिंह के अनुसार, दूसरे चरण में शेष यात्रा मार्ग के लिए गति सीमा निर्धारित करने की कार्रवाई जल्द शुरू की जाएगी। मार्ग का अध्ययन करने के बाद अलग-अलग हिस्सों के लिए अधिकतम अनुमत गति तय की जाएगी।
परिवहन विभाग का फोकस खासतौर पर उन हिस्सों पर है, जहां तेज रफ्तार के चलते दुर्घटना की आशंका अधिक रहती है। पूरे यात्रा मार्ग पर गति सीमा लागू होने से चारधाम यात्रियों के साथ स्थानीय वाहन चालकों के लिए भी सफर को अधिक सुरक्षित बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।


