उत्तराखंड की हर ग्राम पंचायत में बनेगा मुख्यमंत्री खेल क्लब, चैंपियनशिप ट्राफी में 50 खेल होंगे शामिल
देहरादून: उत्तराखंड में ग्रामीण खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने और युवाओं को खेलों से जोड़ने के लिए राज्य सरकार नई पहल करने जा रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर प्रदेश की प्रत्येक ग्राम पंचायत में मुख्यमंत्री खेल क्लब गठित करने की घोषणा की है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री चैंपियनशिप ट्राफी में खेलों की संख्या 32 से बढ़ाकर 50 करने और खिलाड़ियों की पुरस्कार राशि में भी बढ़ोतरी का ऐलान किया गया है।
शनिवार को देहरादून के पवेलियन ग्राउंड में आयोजित ‘रन फॉर यूनिटी’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने युवाओं को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि गांवों में खेल क्लब बनने से स्थानीय स्तर पर छिपी प्रतिभाओं को अपनी क्षमता दिखाने का अवसर मिलेगा। मुख्यमंत्री चैंपियनशिप ट्राफी में अब पारंपरिक खेलों को भी जगह दी जाएगी। प्रतियोगिता के आयोजन के लिए निर्धारित कुल बजट बढ़ाने की भी घोषणा की गई।
विजेता जिले को मिलेगा 10 लाख का मुख्यमंत्री कप
मुख्यमंत्री ने चैंपियनशिप ट्राफी के ओवरऑल विजेता जिले को दिए जाने वाले मुख्यमंत्री कप की धनराशि पांच लाख रुपये से बढ़ाकर 10 लाख रुपये करने की घोषणा की। प्रतियोगिता में खिलाड़ियों को मिलने वाली पुरस्कार राशि में भी अलग-अलग स्तरों पर इजाफा किया जाएगा। इससे न्याय पंचायत से लेकर राज्य स्तर तक खिलाड़ियों को बेहतर प्रोत्साहन मिल सकेगा।
आमवाला में बनेगा मिनी स्टेडियम और अग्निवीर प्रशिक्षण केंद्र
युवाओं को खेल और सैन्य प्रशिक्षण की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री ने देहरादून के आमवाला में युवा केंद्र से लगी खाली भूमि युवा कल्याण विभाग को हस्तांतरित करने की घोषणा की। इस भूमि पर मिनी स्टेडियम के साथ अग्निवीर प्रशिक्षण केंद्र विकसित किया जाएगा। वहीं, प्रांतीय रक्षक दल (पीआरडी) के जवानों के मानदेय में वृद्धि को लेकर जल्द बैठक आयोजित की जाएगी।
चार स्तरों पर बढ़ाई जाएगी पुरस्कार राशि
मुख्यमंत्री चैंपियनशिप ट्राफी के तहत न्याय पंचायत स्तर पर प्रथम पुरस्कार 300 से बढ़ाकर 400 रुपये, द्वितीय पुरस्कार 200 से बढ़ाकर 300 रुपये और तृतीय पुरस्कार 150 से बढ़ाकर 200 रुपये किया जाएगा।
इसी तरह विधानसभा स्तर पर प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार क्रमशः 700, 500 और 400 रुपये निर्धारित किए जाएंगे। संसदीय क्षेत्र स्तर पर यह राशि 1000, 800 और 600 रुपये होगी। वहीं, राज्य स्तर पर विजेताओं को क्रमशः 2000, 1500 और 1000 रुपये की पुरस्कार राशि मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। जरूरत उन्हें उचित मंच और बेहतर प्रशिक्षण देने की है। सरकार खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए लगातार सुविधाओं का विस्तार कर रही है। प्रदेश में खेल विश्वविद्यालय की स्थापना की जा रही है और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को सरकारी विभागों में आउट ऑफ टर्न नियुक्तियां भी दी जा रही हैं।


