उत्तराखंड के 70% स्कूलों में नहीं चल रहीं ऑनलाइन कक्षाएं, अब प्रशिक्षित शिक्षक संभालेंगे पढ़ाई की कमान
देहरादून। उत्तराखंड में डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए हजारों शिक्षकों को ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया गया है और स्कूलों में स्मार्ट क्लास से लेकर वर्चुअल कक्षाओं तक की व्यवस्था भी विकसित की गई है। इसके बावजूद इन संसाधनों का अपेक्षित इस्तेमाल नहीं हो पा रहा है। प्रदेश के करीब 70 प्रतिशत विद्यालयों में ऑनलाइन कक्षाएं संचालित नहीं होने की स्थिति सामने आई है। अब शिक्षा विभाग ने इस अंतर को दूर करने के लिए प्रशिक्षित शिक्षकों की सेवाएं सीधे विद्यार्थियों तक पहुंचाने की योजना बनाई है।
प्रदेश में वर्तमान में 4,619 स्मार्ट क्लास, 1,334 वर्चुअल कक्षाएं और 363 आईसीटी कक्षाएं संचालित करने की व्यवस्था है। वहीं, 47 हजार से अधिक शिक्षक ऑनलाइन शिक्षा कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं। इस क्षेत्र में बेहतर काम के लिए राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान भी मिल चुका है। इसके बावजूद 1,324 विद्यालयों में से लगभग 70 प्रतिशत में ऑनलाइन शिक्षण व्यवस्था का नियमित संचालन नहीं हो रहा है।
रिक्त पदों के कारण पढ़ाई प्रभावित होने से बचाने की तैयारी
डिजिटल शिक्षा के लिए उपलब्ध संसाधनों और प्रशिक्षित शिक्षकों का पूरा लाभ विद्यार्थियों को नहीं मिल पा रहा है। इसी चुनौती को देखते हुए शिक्षा निदेशालय ने नई कार्ययोजना तैयार की है। इसके तहत ऑनलाइन शिक्षण में दक्ष शिक्षकों को गणित, विज्ञान और अंग्रेजी जैसे महत्वपूर्ण विषयों की वर्चुअल कक्षाएं लेने की जिम्मेदारी दी जाएगी।
इस व्यवस्था का विशेष लाभ उन विद्यालयों के विद्यार्थियों को मिलेगा, जहां एलटी शिक्षक या प्रवक्ता के पद रिक्त हैं। ऐसे में दूसरे विद्यालयों से प्रशिक्षित शिक्षकों के माध्यम से ऑनलाइन पढ़ाई कराई जा सकेगी और शिक्षकों की कमी के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित नहीं होगी। बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र-छात्राओं के लिए भी यह पहल उपयोगी साबित हो सकती है।
वीडियो और ई-कंटेंट से भी मिलेगी पढ़ाई में मदद
एससीईआरटी की ओर से विद्यार्थियों के लिए डिजिटल अध्ययन सामग्री भी तैयार की गई है। इसमें विषयवार वीडियो, ई-कंटेंट, क्विज और ई-पाठ्यक्रम शामिल हैं। इसके अलावा पीएम ई-विद्या के टीवी चैनलों के माध्यम से भी कक्षावार पढ़ाई की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
वहीं, एससीईआरटी और कोटक एजुकेशन फाउंडेशन के बीच सितंबर में हुए समझौते के तहत सरकारी कार्मिकों के ऑनलाइन प्रशिक्षण की व्यवस्था को भी आगे बढ़ाया जाएगा।
शिक्षा विभाग की इस पहल का उद्देश्य केवल स्कूलों में डिजिटल संसाधन उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि उनका प्रभावी इस्तेमाल सुनिश्चित करना है। यदि योजना धरातल पर सही तरीके से लागू होती है, तो दूरस्थ और शिक्षक अभाव से जूझ रहे विद्यालयों के विद्यार्थियों को भी विषय विशेषज्ञ शिक्षकों से पढ़ने का अवसर मिल सकेगा।


