आदि कैलास में शीतकाल की तैयारी, 5 नवंबर को बंद होंगे मंदिर के कपाट

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पिथौरागढ़: उच्च हिमालयी क्षेत्र में मौसम के बदलते मिजाज और संभावित बर्फबारी को देखते हुए आदि कैलास मंदिर को शीतकाल के लिए बंद करने की तैयारी पूरी कर ली गई है। मंदिर के कपाट पांच नवंबर को धार्मिक परंपराओं और विधि-विधान के साथ बंद किए जाएंगे। हालांकि, श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए इनरलाइन परमिट जारी करने की प्रक्रिया फिलहाल जारी रहेगी।

आदि कैलास विकास समिति के अध्यक्ष नगेंद्र सिंह कुटियाल और पुनीत सिंह कुटियाल के अनुसार, मंदिर के कपाट बंद करने को लेकर स्थानीय ग्रामीणों और मंदिर के पुजारियों के साथ चर्चा की गई। पुजारी गोपाल सिंह और वीरेंद्र सिंह सहित अन्य लोगों की सहमति के बाद पांच नवंबर की तिथि निर्धारित की गई है। इसके बाद आदि कैलास मंदिर में शीतकालीन विराम शुरू हो जाएगा।

मौसम बिगड़ने पर बंद होगी परमिट व्यवस्था

मंदिर के कपाट बंद होने के बावजूद प्रशासन ने फिलहाल इनरलाइन परमिट जारी करने का सिलसिला जारी रखने का निर्णय लिया है। उप जिलाधिकारी आशीष जोशी ने स्पष्ट किया कि अभी परमिट जारी किए जाते रहेंगे, लेकिन मौसम अधिक खराब होने और परिस्थितियां प्रतिकूल होने पर इस प्रक्रिया को भी बंद कर दिया जाएगा।

हिमालयी क्षेत्र में लगातार बदलते मौसम को देखते हुए प्रशासन की ओर से परिस्थितियों पर नजर रखी जा रही है। ऐसे में आने वाले दिनों में मौसम की स्थिति ही तय करेगी कि आदि कैलास क्षेत्र में आवाजाही कब तक जारी रह सकेगी।

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