देहरादून में मिलावटखोरों पर खाद्य सुरक्षा विभाग का छापा, 350 किलो संदिग्ध पनीर-मावा नष्ट
त्योहारी सीजन में सुबह पांच बजे से चला अभियान, हरिद्वार से लाई जा रही खाद्य सामग्री की गुणवत्ता पर उठे सवाल
देहरादून: त्योहारी सीजन में लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। शनिवार तड़के विभागीय टीम ने भनियावाला और रानीपोखरी क्षेत्र में विशेष जांच अभियान चलाकर करीब 200 किलो संदिग्ध पनीर और 150 किलो मावा पकड़ा। खाद्य पदार्थों को बेहद अस्वच्छ परिस्थितियों में ले जाया और वितरित किया जा रहा था। प्रारंभिक जांच के बाद दोनों खेपों से नमूने लेकर शेष खाद्य सामग्री नष्ट करा दी गई।
खाद्य सुरक्षा गढ़वाल मंडल के उपायुक्त आरएस रावत के नेतृत्व में यह अभियान सुबह पांच बजे शुरू हुआ। गुप्त सूचना मिलने पर टीम ने एक महिंद्रा पिकअप वाहन को रोककर जांच की। वाहन में साजिद निवासी जसोदपुर, सुल्तानपुर (हरिद्वार) करीब 200 किलो पनीर लेकर पहुंचा था। जांच के दौरान पनीर के रखरखाव और वितरण की स्थिति संतोषजनक नहीं मिली। इस पर अधिकारियों ने नमूना लेने के बाद बाकी पनीर को मौके पर ही नष्ट करा दिया।
इसके बाद टीम ने एक बोलेरो वाहन की जांच की, जिसमें शहजाद निवासी अकबरपुर, हरिद्वार करीब 150 किलो मावा लेकर जा रहा था। मावा वाहन की सीटों के नीचे पैरों के पास रखा हुआ था। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के मुताबिक, मावे से दुर्गंध भी आ रही थी। खाद्य पदार्थ की स्थिति को देखते हुए टीम ने उसका नमूना लिया और शेष मावा नष्ट करा दिया।
डेयरी और मिठाई दुकानों पर भी जांच
अभियान के दौरान भनियावाला स्थित दुर्गा चौक की एक डेयरी से परम और सेलेक्सो ब्रांड के पैक्ड पनीर के दो नमूने भी लिए गए। इसके अलावा भनियावाला, रानीपोखरी और डोईवाला की मिठाई दुकानों का निरीक्षण किया गया। टीम ने दुकानों में मिठाइयों की ट्रे पर निर्माण तिथि और अवसान तिथि अंकित करने की व्यवस्था भी जांची।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने अभियान के दौरान कुल चार नमूने एकत्र कर राजकीय खाद्य विश्लेषणशाला भेजे हैं। अधिकारियों के अनुसार, प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट मिलने के बाद संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने स्पष्ट किया कि त्योहारों के दौरान मिलावटी और असुरक्षित खाद्य पदार्थों की बिक्री रोकने के लिए इस तरह के अभियान आगे भी जारी रहेंगे।


