नाबालिग दुष्कर्म केस में जांच में देरी पर कोर्ट सख्त
जम्मू : जम्मू की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने नाबालिग से दुष्कर्म के एक संवेदनशील मामले में जांच में लापरवाही बरतने पर जांच अधिकारी (आईओ) को कड़ी फटकार लगाई है। अदालत ने स्पष्ट रूप से कहा कि ऐसे गंभीर मामलों में देरी न केवल न्याय प्रक्रिया को प्रभावित करती है, बल्कि पीड़िता के अधिकारों का भी उल्लंघन है।
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि कानून के तहत निर्धारित दो महीने की अनिवार्य समय सीमा के भीतर जांच पूरी नहीं की गई। इस पर कोर्ट ने कड़ी आपत्ति जताते हुए जांच अधिकारी से देरी के कारणों पर स्पष्टीकरण मांगा। अदालत ने कहा कि फास्ट ट्रैक कोर्ट का उद्देश्य ही ऐसे मामलों में त्वरित न्याय सुनिश्चित करना है, लेकिन जांच में ढिलाई इस उद्देश्य को कमजोर करती है।
कोर्ट ने यह भी निर्देश दिए कि भविष्य में इस प्रकार की लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी और संबंधित अधिकारियों को अपनी जिम्मेदारियों का गंभीरता से निर्वहन करना होगा। साथ ही, अदालत ने जांच प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के आदेश दिए हैं, ताकि पीड़िता को शीघ्र न्याय मिल सके।
इस सख्त रुख से यह स्पष्ट संकेत गया है कि न्यायपालिका ऐसे मामलों में किसी भी तरह की देरी या लापरवाही को गंभीरता से ले रही है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
