उत्तराखंड में विकास योजनाओं को मिली मंजूरी, स्वास्थ्य से पर्यटन तक होंगे कार्य
देहरादून। उत्तराखंड में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, सड़क कनेक्टिविटी बेहतर बनाने, पर्यटन सुविधाओं के विकास और बाढ़ नियंत्रण से जुड़े कार्यों को गति देने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी है। इसके तहत स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए 13.48 करोड़ रुपये और 21 अशासकीय महाविद्यालयों के कार्मिकों के वेतन सहित अन्य भुगतान के लिए 77.69 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसके अलावा विभिन्न जिलों में सड़क निर्माण, धार्मिक स्थलों के सौंदर्याकरण और पर्यटक सुविधाओं के सुधार के लिए भी बजट मंजूर किया गया है।
पिथौरागढ़ में सड़क निर्माण के लिए बजट स्वीकृत
सीमांत जिले पिथौरागढ़ में संपर्क मार्गों को बेहतर बनाने के उद्देश्य से दो महत्वपूर्ण कार्यों के लिए धनराशि स्वीकृत की गई है। धारचूला की ग्राम सभा दर में आंतरिक संपर्क मार्ग के निर्माण के लिए 93.08 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं। वहीं, पिथौरागढ़ विधानसभा क्षेत्र में भूमिया मंदिर गैंठन से काल्सिन मंदिर होते हुए खूनी गांव तक सड़क निर्माण के प्रथम चरण के लिए 92.32 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है। इन कार्यों से स्थानीय स्तर पर आवागमन की सुविधा बेहतर होने की उम्मीद है।
शिव मंदिर अंजनिया के सौंदर्याकरण पर खर्च होंगे 10 लाख
ऊधमसिंह नगर जिले के खटीमा स्थित शिव मंदिर अंजनिया के विकास के लिए भी सरकार ने कदम बढ़ाया है। मंदिर परिसर के सौंदर्याकरण, सुरक्षा व्यवस्था और चारदीवारी निर्माण के लिए 10 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इस राशि से धार्मिक स्थल की सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
पिंडारी ग्लेशियर ट्रैक पर पर्यटक सुविधाओं में होगा सुधार
पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बागेश्वर जिले में पिंडारी ग्लेशियर ट्रैक रूट पर स्थित फुरकिया पर्यटक आवास गृह की मरम्मत और सुधारीकरण के लिए 4.44 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इससे ट्रैकिंग के लिए आने वाले पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलने की उम्मीद है।
वहीं, पौड़ी जिले में सतपुली बैराज के निर्माण की पुनरीक्षित लागत में शामिल स्लोप प्रोटेक्शन कार्यों के लिए 4.89 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। यह कार्य संबंधित क्षेत्र में ढलान के संरक्षण और निर्माण से जुड़ी सुरक्षा आवश्यकताओं के लिहाज से महत्वपूर्ण है।
शारदा नदी में बाढ़ नियंत्रण की दिशा में पहल
बाढ़ के जोखिम को कम करने और नदी क्षेत्र के बेहतर प्रबंधन के लिए शारदा (काली) नदी में फ्लड प्लेन जोनिंग से संबंधित परामर्श सेवाओं के लिए 47.31 लाख रुपये की मंजूरी दी गई है। फ्लड प्लेन जोनिंग के माध्यम से नदी के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों को चिह्नित करने और नियोजन संबंधी निर्णयों में सहायता मिलने की उम्मीद है।
सड़क परियोजनाओं के लिए 288 करोड़ रुपये से अधिक मंजूर
सड़क अवसंरचना को मजबूत करने के लिए केंद्रीय सड़क अवसंरचना निधि (सीआरआईएफ) के अंतर्गत स्वीकृत नौ कार्यों के लिए 288.41 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। इसके साथ ही इन परियोजनाओं के लिए पहली किस्त के रूप में 115.36 करोड़ रुपये जारी करने का अनुमोदन भी दिया गया है।
सरकार की इन स्वीकृतियों में स्वास्थ्य, उच्च शिक्षा, सड़क संपर्क, धार्मिक पर्यटन और आपदा प्रबंधन जैसे विभिन्न क्षेत्र शामिल हैं। अब इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन और स्वीकृत धनराशि के प्रभावी उपयोग से प्रदेश में विकास कार्यों को आगे बढ़ाने पर जोर रहेगा।


