कुंभ की सुरक्षा पर खास फोकस: हरिद्वार में 600 पुलिसकर्मियों को ट्रेनिंग, पुराने हादसों से सबक लेने पर जोर
हरिद्वार। आगामी कुंभ मेले को सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में हरिद्वार स्थित सशस्त्र पुलिस प्रशिक्षण केंद्र में 600 पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों और प्रशिक्षु पुलिसकर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया। इसमें श्रद्धालुओं की सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण और अमृत स्नान के दौरान व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के 11वें चरण में इंडियन रेडक्रॉस उत्तराखंड के चेयरमैन प्रो. डॉ. नरेश चौधरी ने पुलिसकर्मियों को कुंभ मेले के दौरान सामने आने वाली चुनौतियों और उनसे निपटने के प्रभावी तरीकों से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि कुंभ जैसे विशाल धार्मिक आयोजनों में लाखों श्रद्धालुओं की आवाजाही के बीच सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना बेहद महत्वपूर्ण है। इसके लिए पुलिसकर्मियों को सतर्कता, समन्वय और परिस्थितियों के अनुसार त्वरित निर्णय लेने की क्षमता विकसित करनी होगी।
पिछले कुंभ के अनुभवों से सीखने पर जोर
डॉ. चौधरी ने वर्ष 1986, 1998 और 2010 के कुंभ मेलों के साथ वर्ष 2004 के अर्द्धकुंभ और अन्य प्रमुख स्नान पर्वों के दौरान हुई घटनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने इन घटनाओं से मिले अनुभवों का विश्लेषण करते हुए भविष्य में ऐसी परिस्थितियों से बचने के लिए बेहतर योजना और प्रभावी प्रबंधन की आवश्यकता बताई।
उन्होंने पुलिसकर्मियों को समझाया कि बड़े धार्मिक आयोजनों में भीड़ की आवाजाही पर नजर रखना, श्रद्धालुओं को सही दिशा में मार्गदर्शन देना और किसी भी अप्रत्याशित स्थिति में तत्काल समुचित कदम उठाना महत्वपूर्ण होता है।
अमृत स्नान की व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान
प्रशिक्षण में अमृत स्नान के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ के दबाव को नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं की सुविधा सुनिश्चित करने से जुड़े विषयों पर विशेष जोर दिया गया। कुंभ मेले की विशालता को देखते हुए पुलिसकर्मियों को जिम्मेदारियों के प्रति सजग रहने और अन्य संबंधित विभागों के साथ बेहतर तालमेल बनाए रखने की जरूरत बताई गई।
इस प्रशिक्षण का उद्देश्य पुलिस बल को कुंभ मेले की संभावित चुनौतियों के लिए तैयार करना और श्रद्धालुओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में उनकी कार्यक्षमता को मजबूत करना है।


